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पिता पेट्रोल पंप पर करते थे काम, मां मजदूर, अमेरिका के वो खराब दिन, Dhurandhar सिंगर बोलीं- मां-बाप ने तोड़ा दिल तो पीने लगी थीं शराब

जैस्मीन सैंडलस ने 2014 में सलमान खान की फिल्म 'किक' से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की. उनका गाना 'यार ना मिले' काफी हिट हुआ. इसके बाद उन्होंने 'नाम शबाना', 'मशीन', 'स्ट्रीट डांसर 3D', 'मुंज्या', 'रेड 2' और 'थम्मा' जैसी कई फिल्मों में अपनी आवाज दी.

पिता पेट्रोल पंप पर करते थे काम, मां मजदूर, अमेरिका के वो खराब दिन, Dhurandhar सिंगर बोलीं- मां-बाप ने तोड़ा दिल तो पीने लगी थीं शराब
धुरंधर सिंगर के पिता पेट्रोल पंप पर करते थे काम और मां मजदूरी
नई दिल्ली:

धुरंधर 2 की आजकल हर तरफ चर्चा है, रिलीज के कई हफ्ते बाद भी फिल्म अच्छा कारोबार कर रही है. इस फिल्म के एक्टर्स और डायरेक्टर की तो जमकर तारीफ हो ही रही है, फिल्म की सिंगर भी चर्चा में आ गई हैं. सिंगर जैस्मीन सैंडलस फिल्म के दोनों पार्ट में अपने गानों के लिए काफी तारीफ मिल रही है. हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के साथ एक बातचीत में, जैस्मीन सैंडलस ने भारत छोड़कर अमेरिका जाने की कड़वी सच्चाई को याद किया. उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता ने भारत में अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी और परिवार का गुजारा चलाने के लिए अमेरिका में गैस भरने का काम किया.

जैस्मीन सैंडलस ने याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार अमेरिका गए थे, तो वहां रहना कैसा था. उन्होंने कहा, "हम न्यूयॉर्क पहुंचे. मुझे अंग्रेजी बोलनी नहीं आती थी. जो भी वहां का लोकल स्कूल था, मेरे पिता ने हमारा दाखिला वहीं करवा दिया. हम एक-बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहते थे, जो कम आय वाले लोगों के लिए बना था, और हम कुल 6 लोग थे. हमें 'फूड स्टैम्प' मिलते थे, जिन्हें दिखाकर हम किराने की दुकानों से सस्ता राशन लेते थे."

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अमेरिका में परिवार ने किया स्ट्रगल

जैस्मीन सैंडलस ने आगे कहा, "जब हम भारत में रहते थे, तो मेरे पिता की बहुत अच्छी नौकरी थी. उन्होंने लॉ स्कूल में टॉप किया था. लेकिन जब आप अमेरिका जाते हैं, तो आपके पास दो ही रास्ते होते हैं—या तो आप 3-4 साल पढ़ाई करें या फिर अपने परिवार का ख्याल रखें. मेरे पिता ने अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर दी. उन्होंने भारत में अपना सारा रुतबा छोड़ दिया और अमेरिका चले गए. उनकी पहली नौकरी एक गैस स्टेशन पर गैस भरने की थी. मेरे पास मेरे पिता की एक फोटो है, जिसमें वे बर्फ में बैठे हैं और उन्होंने बर्फ में पहनने वाले जूते भी नहीं पहने हुए हैं. उन्होंने अपने बच्चों के लिए अपनी सारी सुख-सुविधाएं कुर्बान कर दीं, जिनकी शायद उन्हें भी चाहत रही होगी. मेरी मां ने भी वहां काम किया, वे एक फैक्टरी में चेरी तोड़ने का काम करती थीं—बिल्कुल मजदूरों जैसा काम."

जैस्मीन सैंडलस ने आगे बताया कि बाद में, जब वे कैलिफोर्निया चले गए, तो उनके पिता एक 'लीगल इंटरप्रेटर' (कानूनी अनुवादक) बन गए और कोर्ट में पंजाबी से अंग्रेजी में अनुवाद करने का काम करने लगे. उन्होंने बताया कि इस काम के लिए उन्हें अच्छे पैसे मिलते थे. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ समय तक उन्होंने भी एक इंटरप्रेटर के तौर पर काम किया था.

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धुरंधर ने दी बड़ी कामयाबी

जैस्मीन सैंडलस आजकल कामयाबी की बुलंदियों पर हैं. उनके गाने जैसे 'जाइए सजना', 'शरारत' और 'धुरंधर टाइटल ट्रैक' चार्टबस्टर साबित हुए हैं. आदित्य धर की दो हिस्सों वाली इस फिल्म सीरीज ने दुनिया भर में  3000 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है, और अक्षय कुमार की फिल्म 'भूत बंगला' से कड़ी टक्कर मिलने के बावजूद यह अभी भी सिनेमाघरों में चल रही है.

जैस्मीन सैंडलस ने सलमान की फिल्म से किया डेब्यू

जैस्मीन सैंडलस ने 2014 में सलमान खान की फिल्म 'किक' से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की. उनका गाना 'यार ना मिले' काफी हिट हुआ. इसके बाद उन्होंने 'नाम शबाना', 'मशीन', 'स्ट्रीट डांसर 3D', 'मुंज्या', 'रेड 2' और 'थम्मा' जैसी कई फिल्मों में अपनी आवाज दी. उनके कुछ हिट गानों में 'पॉइजन बेबी', 'नशा', 'तरस नहीं आया तुझको' और 'इललीगल वेपन 2.0' शामिल हैं.

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