बॉलीवुड में अक्सर कहा जाता है कि फिल्म स्टार्स के बच्चों को करियर यहां आसानी से बनता है. ये बात भी सही है कि एक्टिंग की दुनिया में सितारा अपने दम पर ही टिकता है. लेकिन इस बात से भी पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता कि स्टार मम्मी या पापा के गाइडेंस से बच्चों को फायदा तो होता ही है. कुछ ऐसा ही फायदा सनी देओल को भी हुआ था. जब उन्होंने पापा धर्मेंद्र के कहने पर एक फिल्म को करने से इंकार कर दिया था. जबकि उसमें दिलीप कुमार जैसे सितारा भी था. इस फिल्म में बाद में अनिक कपूर को साइन किया गया. और, बस यही फिल्म उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बन गई.
Anil Kapoor, Waheeda Rehman and Dilip Kumar in MASHAAL : released 36 years ago in 1984.
— Film History Pics (@FilmHistoryPic) February 10, 2020
Yash Chopra's film written by Javed Akhtar - based on Marathi Play ‘Ashrunchi Zhali Phule'@AnilKapoor @TheDilipKumar pic.twitter.com/miJfKuYj2t
सनी ने मानी पिता की सलाह
ये बात हो रही है फिल्म मशाल की. जो रिलीज हुई साल 1984 में. इससे कुछ ही समय पहले सनी देओल की बेताब मूवी आ चुकी थी. वो एक उभरता सितारा बन गए थे. और सबकी नजर उन पर टिकी थी. इस बीच उन्हें मशाल ऑफर हुई. उस वक्त धर्मेंद्र सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि एक समझदार पिता भी थे. उन्होंने सनी देओल को सलाह दी कि दिलीप कुमार जैसे लेजेंड के साथ स्क्रीन शेयर करना अभी उनके लिए थोड़ा जल्दी हो सकता है. धर्मेंद्र को लगा कि सनी को पहले खुद की एक मजबूत पहचान बनानी चाहिए, ताकि वो किसी बड़े नाम की परछाईं में न दब जाएं. पापा की बात मानते हुए सनी देओल ने भारी मन से मशाल छोड़ दी.
अनिल कपूर के लिए टर्निंग प्वाइंट
सनी देओल के बाहर होने के बाद ‘मशाल' का किरदार अनिल कपूर को मिला. यही फिल्म अनिल कपूर के करियर की सबसे बड़ी छलांग साबित हुई. मशाल की कामयाबी के बाद अनिल कपूर एक्टिंग को खूब पसंद किया गया और उन्हें इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. यश चोपड़ा के साथ ये रिश्ता आगे चलकर और मजबूत हुआ और अनिल कपूर उनके फेवरेट एक्टर्स में शुमार हो गए. कहा जाता है कि अगर उस वक्त सनी देओल ये फिल्म करते, तो शायद इतिहास कुछ और होता. पर, उस फिल्म में किस्मत अनिल कपूर के साथ थी. जो आगे चलकर और भी ज्यादा चमकी
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