सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने एक बार अपने परिवार के साथ अपने खराब रिश्तों के बारे में बात की थी. उन्होंने अपने बचपन के एक खास पल के बारे में भी बताया, जब उनके माता-पिता ने उनसे बिना पूछे उन्हें लुधियाना में एक रिश्तेदार के पास रहने के लिए भेजने का फैसला लिया था. दिलजीत दोसांझ ने बताया कि यह कदम, जिसका मकसद उनकी बेसिक जरूरतें जैसे खाना, रहने की जगह और पढ़ाई पूरी करना था. इसके बाद उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए, जबकि वह उनसे प्यार और इज्जत करते थे.
रणवीर अल्लाहबादिया के साथ बातचीत में उस अनुभव को याद करते हुए दिलजीत ने बताया, "जब मैं ग्यारह साल का था, तब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा. मैं अपना गांव छोड़कर शहर आ गया. मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया. उन्होंने कहा, 'इसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, इसे ले जाओ.' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं."
दिलजीत दोसांझ ने आगे कहा, "मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था. मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था. मेरे पास बहुत समय होता था. उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, अगर मुझे घर पर फोन करना होता या मेरे माता-पिता का फोन आता, तो उसके पैसे लगते थे. इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा."
अपने माता-पिता के फैसले पर बात करते हुए, दिलजीत ने बताया कि उनके माता-पिता उनके लिए अच्छा चाहते थे और कहा, "मैं अपनी मां की बहुत इज्जत करता हूं. मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं. उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा. उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की, लेकिन मेरा उनसे रिश्ता टूट गया. सिर्फ उनसे ही नहीं, बल्कि सबसे."
1984 में दोसांझ कलां गांव में जन्मे दिलजीत ने लुधियाना में स्कूल जाते समय लोकल इवेंट्स में परफॉर्म करके अपना टैलेंट दिखाना शुरू किया. अपने हिट पॉप गानों के लिए मशहूर, दिलजीत की शोहरत पिछले साल कोचेला म्यूजिक फेस्टिवल में जबरदस्त परफॉर्मेंस के बाद दुनिया भर में फैल गई. प्रोफेशनल फ्रंट पर, दिलजीत अगली बार बॉर्डर 2 में नजर आएंगे.
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