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39 साल बाद भी मोगैंबो का जादू कायम, मिस्टर इंडिया के खौफनाक विलेन की वो अनकही कहानी

25 मई 1987 को रिलीज हुई मिस्टर इंडिया आज 39 साल पूरे कर रही है. अनुपम खेर को मोगैंबो के किरदार से क्यों हटाया गया और अमरीश पुरी को 1 करोड़ रुपये फीस क्यों मिली? अनकही कहानी.

39 साल बाद भी मोगैंबो का जादू कायम, मिस्टर इंडिया के खौफनाक विलेन की वो अनकही कहानी
39 Years of Mr India: मिस्टर इंडिया के मोगैंबो से जुड़ी दिलचस्प कहानी, 25 मई 1987 को हुई थी रिलीज
नई दिल्ली:

39 Years of Mr India: 25 मई 2026 को मिस्टर इंडिया (1987) ने 39 साल पूरे कर लिए हैं. फिल्म का सबसे यादगार किरदार ‘मोगैंबो' आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है. शेखर कपूर ने इस फिल्म का निर्देशन किया. इस क्लासिक फिल्म में अमरीश पुरी ने विलेन के रोल को इतना आइकॉनिक बना दिया कि आज भी ‘मोगैंबो' हिंदी सिनेमा के खलनायकों का पर्याय बना हुआ है. लेकिन इस किरदार को परदे पर उतारना इतना आसान नहीं था, और ये रोल पहले हिंदी सिनेमा के एक और नामचीन एक्टर को ये रोल ऑफर हुआ था.

अमरीश पुरी नहीं थे पहली पसंद

आईएमडीबी के मुताबिक, शेखर कपूर ने मिस्टर इंडिया के इस पावरफुल विलेन के लिए अनुपम खेर को चुना था. अनुपम खेर ने स्क्रीन टेस्ट भी दिया. कुछ दिन की शूटिंग भी की गई. लेकिन डायरेक्टर और पूरी टीम को लगा कि अनुपम खेर का लुक 'मजाकिया' ज्यादा लग रहा था, जबकि उन्हें एक डरावना और खतरनाक विलेन चाहिए था. अनुपम खेर को रोल से हटा दिया गया. 

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यूं बना खौफनाक मोगैंबो

शेखर कपूर ने इसके बाद अमरीश पुरी को चुना. उस समय अमरीश पुरी लोहा फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. बोनी कपूर और शेखर कपूर ने उनसे ऊटी में मुलाकात की और इस रोल के लिए राजी कर लिया. उन्होंने इस रोल को इतना यादगार बना दिया कि ‘मोगंबो खुश हुआ' आज भी बॉलीवुड का सबसे पॉपुलर डायलॉग है. 

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अमरीश पुरी को इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा का सबसे महंगा विलेन बनाया. उन्हें इस फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये की भारी भरकम फीस मिली. ये किसी भी विलेन को मिला आज तक का सबसे बड़ा अमाउंट बताया जाता है.

सलीम जावेद की जोड़ी की आखिरी फिल्म

बॉलीवुड के सबसे मशहूर लेखक जोड़ी सलीम-जावेद की आखिरी फिल्म मिस्टर इंडिया थी. इस फिल्म की स्क्रिप्ट उन्होंने साथ में लिखी थी, हालांकि उनकी जोड़ी 1982 में ही टूट चुकी थी. मिस्टर इंडिया के बाद सलीम खान और जावेद अख्तर ने अलग-अलग रास्ते चुन लिए. सलीम खान ने स्वतंत्र रूप से स्क्रीनप्ले लिखना जारी रखा, जबकि जावेद अख्तर ने गीतकार और लेखक के रूप में नई ऊंचाइयों को छुआ. ये फिल्म ना सिर्फ भारतीय सिनेमा की पहली सुपरहीरो एंटरटेनर बनी, बल्कि सलीम-जावेद युग के अंत का प्रतीक भी बन गई.

मिस्टर इंडिया का बजट और कलेक्शन

मिस्टर इंडिया में अनिल कपूर, श्रीदेवी और अमरीश पुरी की जबरदस्त परफॉर्मेंस ने इसे सुपरहिट बना दिया. मिस्टर इंडिया को 3.8 करोड़ रुपये के बजट में बनाया गया था जबकि इसने 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस किया.

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