अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘याराना' (1981) ने ना केवल अपनी कहानी से, बल्कि एक आइकॉनिक गाने से भी दर्शकों के बीत यादगार हो गई. यह गाना था ‘सारा जमाना हसीनों का दीवाना'. इस गाने की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि अपने आप में ही बॉलीवुड के इतिहास का एक मजेदार किस्सा बन गया. इस गाने की शूटिंग कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम (जिसे साल्ट लेक स्टेडियम भी कहा जाता है) में होनी तय हुई थी. अमिताभ बच्चन ने खुद इस स्टेडियम में शूटिंग का सजेशन दिया था, ताकि गाने थोड़ा ग्रैंड लगे. गाने को दिन में शूट करने की प्लानिंग थी लेकिन जैसे ही खबर फैली वहां स्टेडियम की क्षमता से कई गुना ज्यादा भीड़ जमा हो गई.
सेट पर ऐसा क्या हुआ जो रोकनी पड़ी शूटिंग?
उस स्टेडियम में करीब 12,000 से 15,000 दर्शकों की जगह थी लेकिन वहां 50,000 से 60,000 फैंस पहुंच गए थे. भीड़ बिग बी को लेकर इतना एक्साइटेड थी कि लोग अमिताभ की एक झलक पाने को बेताब थे. स्टेज पर अमिताभ और नीतू सिंह मौजूद थे. गाना शुरू होते ही दर्शक जोश में झूमने लगे, जिससे शूटिंग आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया. सुरक्षा कारणों और भीड़ के दबाव के चलते अमिताभ को शूटिंग बीच में रोकनी पड़ी. हालात कंट्रोल से बाहर थे पुलिस भी इसे संभालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रही थी.

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शूटिंग में ऐसा हंगाना देख प्लान बदला गया. टीम कुछ दिनों के लिए मुंबई लौट गई और फिर रात के समय चुपके से कोलकाता वापस आए. भीड़ से बचने के लिए स्टेडियम की सीटों पर मोमबत्तियां जलाकर ऐसा दिखाया गया कि वहां दर्शक हैं. इसी रात में गाने की शूटिंग पूरी की गई, जिसमें अमिताभ की जगमगाती लाइट वाली जैकेट भी आइकॉनिक बनी.

इस अनोखे तरीके से शूट हुआ गाना रिलीज के बाद सुपरहिट साबित हुआ और आज भी अमिताभ के सबसे यादगार परफॉर्मेंस में शुमार है. ‘याराना' की इस घटना ने साबित किया कि अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता उस दौर में कितनी जबरदस्त थी. एक गाने की शूटिंग ने पूरे शहर को हिला दिया था!
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