ओटीटी और थियेटर की फाइट पर क्या बोले अजय देवगन? ट्रोल पर भी दिया रिएक्शन

अजय देवगन (Ajay Devgn) ने फिल्म 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' (Bhuj: The Pride of India) के साथ-साथ कई जरूरी चीजों पर अपनी राय रखी.

ओटीटी और थियेटर की फाइट पर क्या बोले अजय देवगन? ट्रोल पर भी दिया रिएक्शन

अजय देवगन (Ajay Devgn) ने एनडीटीवी से खास बातचीत की

नई दिल्ली:

अजय देवगन (Ajay Devgn) की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' (Bhuj: The Pride of India) शुक्रवार को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज हो गई है. इस फिल्म को लेकर लोगों में काफी उत्साह था. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह फिल्म दर्शकों के सामने आई है. फिल्म में अजय देवगन के अलावा शरद केलकर, संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा, नोरा फतेही और एमी विर्क जैसे कलाकारों ने काम किया है. फिल्म के संबंध में अजय देवगन और शरद केलकर ने एनडीटीवी इंडिया से खात बातचीत की है और फिल्म से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया है.

एक्टर के तौर पर डिफरेंस
इस सवाल के जवाब में अजय देवगन (Ajay Devgn) ने कहा कि आप कौन सा कैरेक्टर प्ले करते हैं ये महत्वपूर्ण है. आप कैरेक्टर के बारे में पूरा पता करते हैं उनकी डिग्निटी को फॉलो करते हैं. फिर कैरेक्टर में खुद को ढालना पड़ता है. इसके साथ-साथ फिल्म की भाषा में बहुत महत्वपूर्ण होती है. सभी लोगों को समझ आए इसलिए भाषा को आज के हिसाब से सिंपल रखना पड़ता है.

भुज में इंटरेस्टिंग चीज
अजय देवगन ने कहा कि घटना में जिसका सबसे ज्यादा योगदान होता है. उनके बारे में जानकर और उनकी एनर्जी को फील करना बहुत अच्छा लगता है. इसमें फोर्स के साथ-साथ स्थानीय लोगों का कॉम्बिनेशन बहुत शानदार था.

आर्मी या पुलिस का रोल करने पर बालों के लेंथ पर ध्यान
अजय देवगन और शरद केलकर इस सवाल पर कहा कि पहले फिल्म मेकिंग सीरियस नहीं थी. आर्मी या पुलिस का रोल प्ले करने पर बालों के लेंथ पर ध्यान दिया जाता है. पहले ऐसा नहीं था आप बालों को बड़ा रखते थे. लेकिन अब वो दौर जा चुका है. ऑडियंस बदल गई है. रियलिज्म आ चुका है. गलत करने पर सोशल मीडिया पर गाली भी पड़ती है.

सोशल मीडिया और ट्रोल पर अजय की राय
अजय देवगन (Ajay Devgn) ने बताया कि वो सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग नहीं करते हैं. काम की बात होती है तो देख लेता हूं. मेरे फोन में कोई ट्विटर और दूसरे डैंडल नहीं हैं. सोशल मीडिया पर सबका अलग-अलग एजेंडा होता है. गलत के साथ-साथ सही करने पर भी गालियां पड़ती हैं. अजय देवगन ने इस दौरान ट्रोल के संबंध में कहा कि वो ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं. वहीं शरद केलकर ने कहा कि वो ट्रोल के कॉमेंट देख हंसते हैं.

आसानी से काम मिलने पर शरद केलकर
शरद केलकर ने इस सवाल पर कहा कि वो इन बातों पर विश्वास नहीं करते हैं. अब इंडस्ट्री में वैल्यू ऑफ गुड एक्टर की चीजें आ गई हैं. जो अच्छा काम करता है उसे काम मिलता है. यहां कुछ भी आसान नहीं होता है हर दिन कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. किस्मत के साथ-साथ हार्ड वर्क भी बहुत जरूरी है.

इंडस्ट्री में पूरे हुए 30 साल
अजय देवगन ने कहा कि इन 30 सालों में एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के तौर पर काफी ग्रो हुआ. समय के साथ-साथ अनुभव आ जाता है. शरद केलकर ने इस दौरान अजय की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें फिल्म मेकिंग के साथ-साथ मार्केटिंग के बारे में भी सब कुछ पता है.

अजय को है दवाइयों की जानकारी
इस सवाल पर अजय कहते हैं कि कई बार शूटिंग आउटडोर में होती है. 200-250 लोगों की यूनिट होती है. ऐसे में कभी भी किसी की तबीयत बिगड़ती है. पहले दवाइयां ऑनलाइन नहीं होती थीं. इसलिए साथ में जरूरी दवाइयों की किट रखनी पड़ती है. यहीं से मुझे दवाइयों की जानकारी के बारे में पता चला. और पहले से भी इस संबंध में शौक था.


शूटिंग में आने वाली मुश्किलों पर राय
अजय देवगन ने कहा कि बहुत सारी फिल्मों को 50 डिग्री टेंपरेचर में शूट किया है. हर फिल्म को अलग-अलग कंडीशन में शूट करना पड़ता है. वहीं सेट पर फन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब ये सब ज्यादा नहीं होता है. हम बड़े हो गए हैं.

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ओटीटी और सिनेमाघर की फाइट
अजय देवगन ने इस संबंध में कहा कि थियेटर में फिल्म रिलीज करने की फाइट होती है. कितनी स्क्रीन मिलेगी कितनी नहीं. लेकिन ओटीटी पर ऐसा नहीं है. सबसे बड़ी बात यह होती कि फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें. और ये फायदा ओटीटी पर है. अजय देवगन और शरद केलकर की साथ में तीसरी फिल्म है. इस पर दोनों कहते हैं कि हम फिटनेस के बारे में नहीं बल्कि फिल्म मेकिंग की बात ज्यादा करते हैं. सेट पर गालियां भी देते हैं.