- पटना विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ चुनाव स्थगित कर दिया है. इसको लेकर अधिसूचना भी जारी की गई है.
- आचार संहिता का उल्लंघन, अनाधिकृत प्रवेश और नारेबाजी जैसी घटनाओं को चुनाव स्थगित करने का कारण बताया गया है
- छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद समेत पांच पदों के लिए कुल 51 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था
पटना विश्वविद्यालय में 28 फरवरी को ही छात्रसंघ के चुनाव होंगे. छात्रों के प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव स्थगित करने का फैसला वापस ले लिया है. उम्मीदवारों की अंतिम सूची रविवार को जारी की जाएगी. चुनाव स्थगित करने के फैसले के बाद छात्रों ने वीसी का घेराव किया था. प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के बाद विश्वविद्यालय ने अपना फैसला बदला लिया.
इससे पहले पटना विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने की घोषणा की थी. विश्वविद्यालय ने साइंस कॉलेज में शिक्षक के साथ मारपीट, शिक्षक और पदाधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार को इस फैसले के कारण बताए थे. पटना विश्वविद्यालय के DSW ने इसको लेकर पत्र भी जारी कर दिया था. तारीखों की घोषणा के साथ ही ये चुनाव विवादों में है.
पटना विश्वविद्यालय ने अधिसूचना जारी कर कहा था, "निर्देशानुसार सूचित करना है कि पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2025-26 के मतदान की तिथि 28 फरवरी, 2026 को निर्धारित थी. पटना विश्वविद्यालय परिसर में विगत कुछ दिनों में अमर्यादित एवं अप्रत्याशित घटनाएं हुईं, जैसे- पटना वीमेंस कॉलेज परिसर में छात्रों के एक गुट द्वारा बिना अनुमति अनाधिकृत प्रवेश कर नारेबाजी करना, चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन (छपा हुआ बैनर पोस्टर का प्रयोग, महंगी चार पहिया वाहनों का उपयोग, चुनाव-प्रचार के लिए निर्धारित समयावधि से पूर्व ही प्रचार शुरू किया जाना), साथ ही साथ दिनांक: 21-02-2026 को पटना साइंस कॉलेज में एक कक्षा में घुसकर छात्रों द्वारा शिक्षक के साथ एवं पटना विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार. इन घटनाओं के मद्देनजर पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2025-26 को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है."
दो दिन पहले ही पटना विश्वविद्यालय के एक छात्रावास में पुलिस ने छापेमारी कर आठ छात्रों को गिरफ्तार किया है. आरोप था कि गिरफ्तार सभी छात्र शराब के नशे में थे. विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी चल रही थी. इसी बीच, पीरबहोर थाना ने पटना विश्वविद्यालय के अलग-अलग छात्रावासों में प्राप्त शिकायतों और छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए पटना पुलिस अधीक्षक (मध्य), भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया था.
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