बिहार के नालंदा में नाबालिक से गैंगरेप के मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. परिजनों ने 4 आरोपियों पर लड़की के अपहरण और गैंगरेप का आरोप लगाया था. पीड़िता के पिता ने बताया कि वे अपनी पत्नी और पीड़िता के साथ गया जिले के कर्माऊनी में बैलून बेचने गए थे. वहीं से 22 जनवरी को दोपहर 2 बजे चार लड़कों ने उसे कोई नशीली पदार्थ खिलाकर बेहोश किया और बिहार शरीफ ले आए. पीड़िता के माता - पिता ने उसे ढूंढने की कोशिश की. उसके नंबर पर फोन भी किया, शाम 6 बजे पीड़िता से उनकी बात भी हुई.
तब पीड़िता ने बताया कि वह सुरक्षित है और उसकी चिंता न की जाए. परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने ऐसा कहने के लिए दबाव बनाया था. इसके बाद चारों ने पीड़ित का रेप किया. 23 जनवरी की शाम पीड़िता परिजनों की मिली. तब एक आरोपी पीड़िता को बाइक पर लेकर जा रहा था. हालांकि आरोपी भागने में कामयाब रहा. 24 जनवरी को पीड़िता के बयान पर थाने में मामला दर्ज कराया.
पूर्व में भी लड़की की फोटो वायरल कर चुका है आरोपी
पीड़िता के पिता ने बताया कि मुख्य आरोपी गोलू पहले भी उनकी बेटी को परेशान करता था. धनतेरस के दिन आरोपी ने पीड़ित के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर डाल दी. तब पीड़िता के पिता ने आरोपी के पिता से शिकायत की थी. स्थानीय लोगों ने भी आरोपी के पिता पर दबाव बनाया था. तब आरोपी ने ऐसी गलती न दोहराने की बात की थी. इसलिए परिवार ने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. एहतियात बरतते हुए परिवार लड़की को लेकर बिहारशरीफ से गया चला गया था. लेकिन आरोपी वहां पहुंच गए और इस घटना को अंजाम दिया. परिवार आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है.
एसआईटी का गठन, संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि इस मामले में एसआईटी का गठन हुआ है. महिला थाने में मामला दर्ज हुआ है. पुलिस जांच कर रही है कि आखिर पीड़िता को आरोपी गया से कैसे लेकर आए. आरोपियों के सम्भावित ठिकाने पर पुलिस लगातार दबिश भी दे रही है. सभी आरोपियों की शिनाख्त हो चुकी है. मेडिकल जांच भी कराई गई है. रिपोर्ट आने पर सारी चीजें साफ होंगी. फिलहाल पुलिस यह जानकारी इकट्ठा कर रही है कि आखिर पीड़िता की लोकेशन आरोपियों को कैसे मिली? पीड़िता को आरोपी गया से नालंदा कैसे लेकर आए.
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