- बिहार पुलिस विभाग में 54 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया
- ईओयू, साइबर सेल, ट्रैफिक, सीआईडी और मद्य निषेध विभाग में सबसे ज्यादा बदलाव हुए हैं
- बिहार में 34 आईएएस अधिकारियों को जिलों का प्रभारी सचिव बनाया गया
बिहार पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है. सम्राट चौधरी सरकार ने देर रात 54 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला किया है. ईओयू, साइबर सेल, ट्रैफिक, सीआईडी और मद्य निषेध विभाग में सबसे ज्यादा बदलाव देखने को मिले हैं. मोहम्मद अली अंसारी को एआईजी ट्रैफिक, आशीष कुमार सिंह को पटना ट्रैफिक पुलिस में डीएसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बिहार सरकार ने सभी अधिकारियों को तुरंत नई पोस्टिंग पर जाने का निर्देश दिया है. इस फेरबदल को सरकार के बड़े सिस्टम क्लीनअप मिशन के तौर पर देखा जा रहा है.
बिहार के 34 IAS अधिकारियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
बिहार में 34 आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. अधिकारियों को जिलों का प्रभारी सचिव बनाया गया है. पटना में अधिकारी विनय कुमार को जिम्मेदारी मिली है. नालंदा जिले का प्रभार कुमार रवि को सौंपा गया है. प्रभारी सचिव जिलों में योजनाओं की नियमित समीक्षा करेंगे. इनका जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस रहेगा. गया, भोजपुर और अन्य जिलों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है. मकसद ये है कि जमीनी स्तर पर कामकाज की सख्त मॉनिटरिंग की जा सके.
48 घंटों में 100 से ज्यादा DSP लेवल के अधिकारियों का ट्रांसफर
बिहार में बीते 48 घंटों में 100 से ज्यादा डीएसपी लेवल के अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ है. पुलिस डिपार्टमेंट में इतना बड़ा सिस्टम क्लीनअप बहुत कम बार देखने को मिलता है. इसे बिहार में शासन-व्यवस्था को और मजबूत करने के नए प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है. बीते शुक्रवार को डीएसपी रैंक के 61 अधिकारियों और दो आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया. इससे कुछ दिनों पहले ही 16 आईपीएस अधिकारियों के तबादले भी किये गए थे. इन नियुक्तियों को उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में दक्षता, जवाबदेही और प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने के लिए एक सोची-समझी पहल के तौर पर देखा जा रहा है.
फेरबदल का क्या है मकसद?
बड़े पैमाने पर किए गए इस फेरबदल का उद्देश्य पुलिसिंग की महत्वपूर्ण इकाइयों को मजबूत करना, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बेहतर बनाना और उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों को तैनात करना है. इन तबादलों का एक और मकसद साइबर अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस की प्रतिक्रिया तंत्र को बेहतर बनाना भी है.
ये भी पढ़ें :- बिहार: प्रेमिका के लिए एक महीने तक खाना छोड़ा, दूसरे युवक से शादी होने पर नाराज प्रेमी BSNL टॉवर पर चढ़ा
लगातार हो रहा यह फेरबदल राज्य सरकार के इस इरादे को रेखांकित करता है कि वह कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी बनाए रखेगी और उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों के बीच सक्रिय, कुशल और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करेगी.
ये भी पढ़ें :-एक झपकी और पूरा परिवार खत्म: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 1KM तक घिसटती रही कार, 3 बच्चों समेत 5 की मौत














