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Vastu Shastra: घर में कितनी होनी चाहिए खिड़कियां? जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र और जरूरी नियम

Windows Vastu Shastra: अगर खिड़कियों की दिशा, संख्या और आकार सही न हो तो घर में नेगेटिविटी बढ़ सकती है. यही वजह है कि घर बनवाते या खरीदते समय खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सही जगह और सही संख्या में बनी खिड़कियां घर के माहौल को हल्का, खुशहाल और संतुलित बनाए रखती हैं.

Written by Updated : January 04, 2026 1:40 PM IST
Vastu Shastra: घर में कितनी होनी चाहिए खिड़कियां? जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र और जरूरी नियम
खिड़कियों का वास्तु शास्त्र
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Vastu Tips for Windows: घर की बनावट और वहां की सजावट हमारे मन और जीवन दोनों पर गहरा असर डालती है. जब घर का हर कोना सही तरीके से बना होता है तो वहां रहने वालों को सुकून, पॉजिटिव एनर्जी और बेहतर सेहत का अनुभव होता है. वास्तु शास्त्र में दरवाजों के साथ-साथ खिड़कियों को भी बहुत अहम माना गया है. खिड़कियां सिर्फ रोशनी और हवा का जरिया नहीं होतीं, बल्कि इन्हीं से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. अगर खिड़कियों की दिशा, संख्या और आकार सही न हो तो घर में नेगेटिविटी बढ़ सकती है. यही वजह है कि घर बनवाते या खरीदते समय खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सही जगह और सही संख्या में बनी खिड़कियां घर के माहौल को हल्का, खुशहाल और संतुलित बनाए रखती हैं.

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खिड़कियों का महत्व और सही दिशा

वास्तु के अनुसार खिड़कियां घर की ऊर्जा को संतुलित रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. इन्हीं से सूरज की रोशनी और ताजी हवा घर में आती है, जिससे वातावरण साफ और हल्का बना रहता है. अच्छी रोशनी से मन खुश रहता है और नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है. वास्तु शास्त्र के हिसाब से उत्तर और पूर्व दिशा में खिड़कियां होना सबसे शुभ माना जाता है. इन दिशाओं से आने वाली धूप और हवा घर में अच्छे वाइब्स लाती है, जिससे सुख-शांति बनी रहती है और परिवार के लोगों की सेहत पर भी अच्छा असर पड़ता है.

खिड़कियों की सही संख्या और आकार

वास्तु के अनुसार घर में खिड़कियों की संख्या हमेशा सम होनी चाहिए जैसे 2, 4, 6 या 8. 3, 5, 7 या 9 जैसी विषम संख्या की खिड़कियां वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं. सम संख्या में खिड़कियां होने से घर का ऊर्जा संतुलन सही बना रहता है. इसके साथ ही खिड़कियों का आकार और ऊंचाई भी लगभग बराबर होनी चाहिए, न तो खिड़कियां बहुत छोटी हों और न ही जरूरत से ज्यादा बड़ी. संतुलित आकार से रोशनी और हवा का प्रवाह ठीक रहता है.

खिड़कियों से जुड़ी जरूरी आदतें

वास्तु में सिर्फ बनावट ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों को भी अहम माना गया है. दिन के समय घर की खिड़कियां जरूर खोलनी चाहिए ताकि ताजी हवा और धूप अंदर आ सके. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. समय-समय पर खिड़कियों की सफाई करना भी जरूरी है, क्योंकि गंदी खिड़कियां पॉजिटिव एनर्जी को रोक सकती हैं. शाम के समय खिड़कियां बंद कर देना बेहतर माना जाता है, ताकि बाहर की नकारात्मकता घर के अंदर न आए.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.