अक्सर मेट्रो यात्रा को लोग भीड़, धक्कामुक्की और तनाव से जोड़कर देखते हैं, लेकिन बेंगलुरु मेट्रो में घटी एक छोटी सी घटना ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है. एक बच्ची का अजनबी महिला पर किया गया भरोसा ऐसा था, जिसने न सिर्फ उस महिला को भावुक कर दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर लाखों दिल भी जीत लिए.
मेट्रो यात्रा को आमतौर पर लोग खोए हुए मोबाइल, भीड़भाड़ या यात्रियों के खराब व्यवहार से जोड़ते हैं. लेकिन बेंगलुरु मेट्रो की एक साधारण यात्रा उस वक्त खास बन गई, जब एक अनजान बच्ची ने भरोसे की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया.
महिला ने कल्पना भी नहीं की थी
मेट्रो में सफर कर रही एक महिला की नजर पास बैठी एक छोटी बच्ची के हाथ में पहने खूबसूरत कंगन पर पड़ी. कंगन का डिज़ाइन इतना आकर्षक था कि महिला ने विनम्रता से बच्ची से पूछा कि क्या वह उसकी फोटो ले सकती है, ताकि वह अपने सुनार को दिखा सके. लेकिन जो हुआ, उसकी महिला ने कल्पना भी नहीं की थी.
बच्ची ने न सिर्फ फोटो लेने से मना किया, बल्कि मुस्कुराते हुए अपने हाथ से कंगन उतारा और सीधे महिला को थमा दिया. उसने कहा कि कंगन देखकर सुनार को डिज़ाइन ज्यादा अच्छे से समझ आएगा. इस भरोसे ने महिला को हैरान कर दिया. किसी अजनबी पर इस तरह का विश्वास आज के दौर में बहुत कम देखने को मिलता है.
इंसानियत से भरी यादगार कहानी
कुछ ही पलों बाद बच्ची ने मुस्कुराकर बताया कि यह कंगन असली सोने का नहीं, बल्कि नकली है. यह सुनकर महिला और भी ज्यादा भावुक हो गईं, क्योंकि असली बात कंगन की कीमत नहीं, बल्कि उस भरोसे और सादगी की थी, जो बच्ची ने बिना किसी झिझक के दिखा दी.
इस छोटी लेकिन गहरी छाप छोड़ने वाली घटना से प्रेरित होकर महिला ने उस कंगन को अपने पास संभालकर रखने का फैसला किया, ताकि यह उसे हमेशा उस पल की याद दिलाता रहे. महिला ने बाद में यह पूरा अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण तारीफ ने भरोसे और इंसानियत से भरी एक यादगार कहानी को जन्म दे दिया.
अपनी बात खत्म करते हुए महिला ने लिखा कि हर मेट्रो यात्रा नकारात्मक नहीं होती. कुछ पल ऐसे होते हैं, जो बिना शोर किए दिल को छू जाते हैं और जिंदगी भर याद रह जाते हैं. इस पोस्ट के सामने आते ही लोग भावुक हो गए. एक यूज़र ने लिखा, यह पढ़कर चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ गई. वहीं दूसरे ने कहा, आज इंटरनेट पर सबसे खूबसूरत चीज यही है. यह कहानी याद दिलाती है कि इंसानियत अब भी हमारे आसपास है, बस हमें उसे महसूस करने की नजर चाहिए.
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