तमिलनाडु से सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर इंसानियत की मिसाल पेश कर दी है. Blinkit के एक डिलीवरी राइडर ने अपनी सूझबूझ और संवेदनशीलता से वह कर दिखाया, जो शायद कोई मशीन या रोबोट नहीं कर पाता. एक साधारण डिलीवरी ऑर्डर अचानक ज़िंदगी और मौत के बीच की लड़ाई बन गया.
देर रात आया संदिग्ध ऑर्डर
Blinkit के डिलीवरी पार्टनर को रात के समय एक ऑर्डर मिला, जिसमें तीन पैकेट चूहे मारने के ज़हर की डिलीवरी करनी थी. राइडर बिना किसी शक के दिए गए पते पर पहुंचा, लेकिन दरवाजा खुलते ही उसे कुछ असामान्य महसूस हुआ. दरवाजा खोलने वाली महिला बेहद परेशान थी और लगातार रो रही थी. डिलीवरी बॉय को उसकी हालत देखकर तुरंत अंदेशा हो गया कि मामला सामान्य नहीं है. हालांकि, महिला ने किसी भी तरह की गलत मंशा से इनकार किया, लेकिन राइडर का दिल यह मानने को तैयार नहीं था.
इंसानियत ने लिया एल्गोरिदम से बड़ा फैसला
डिलीवरी पार्टनर ने महिला से बातचीत की और उसे समझाने की कोशिश की. उसने कहा, कि कोई भी समस्या स्थायी नहीं होती और किसी भी हाल में खुद को नुकसान पहुंचाना समाधान नहीं है. उसने महिला से सीधे पूछा कि क्या उसने यह ज़हर खुद को नुकसान पहुंचाने के इरादे से मंगवाया है. राइडर के मुताबिक, महिला ने मना किया, लेकिन उसका व्यवहार कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था.
देखें Video:
ऑर्डर कैंसिल, ज़हर वापस
आखिरकार राइडर ने बड़ा फैसला लिया. उसने ऑर्डर कैंसिल कर दिया और ज़हर के पैकेट अपने साथ वापस ले गया. बाद में उसने इस पूरी घटना को सोशल मीडिया पर साझा किया और कहा कि आज उसे महसूस हुआ कि उसने कुछ अच्छा किया है.
सोशल मीडिया पर तारीफों की बाढ़
इस घटना के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग Blinkit राइडर की जमकर तारीफ करने लगे. एक यूज़र ने लिखा, कोई रोबोट होता तो बस डिलीवरी कर देता. दूसरे ने कहा, Blinkit का एल्गोरिदम डिलीवर कह रहा था, लेकिन उसके ज़मीर ने STOP कहा. एक अन्य यूज़र ने लिखा, उसने एक ऑर्डर नहीं, बल्कि इंसान को देखा. यही असली समाजिक जिम्मेदारी है.
सम्मान की मांग
कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने Blinkit मैनेजमेंट से मांग की कि इस डिलीवरी पार्टनर को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाए. लोगों का मानना है कि उसकी समझदारी और संवेदनशीलता ने शायद एक जान बचा ली. हालांकि, खबर लिखे जाने तक Blinkit की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
इंसानियत अभी ज़िंदा है
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि तकनीक के दौर में भी इंसानी संवेदनाएं सबसे अहम हैं. कभी-कभी किसी की ज़िंदगी बचाने के लिए नियमों से ज्यादा ज़रूरी होता है दिल की आवाज़ सुनना.
यह भी पढ़ें: 800 रुपये की लॉलीपॉप या म्यूजिक प्लेयर? खाते ही कानों में बजने लगता है गाना
दुनिया का सबसे महंगा होटल अंदर से कैसा दिखता है? एक रात का किराया 22 लाख रुपए
3 लाख रु की नौकरी से 9 करोड़ की दौलत! ‘आम IT कर्मचारी' की कहानी ने चौंकाया इंटरनेट














