Noordins Grave Shoes Throwing: भाजपा नेता तेजिंदर बग्गा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि, मुगलों ने गुरु गोबिंद सिंह को युद्ध में हराना असंभव समझा, इसलिए उन्होंने एक गद्दार, नूरदीन को सिख का रूप देकर गुरु के पास भेजा. जब गुरु दातुन कर रहे थे, तब नूरदीन ने तलवार से हमला किया, लेकिन गुरु ने पानी का लोटा उसके सिर पर दे मारा जिससे उसकी मौत हो गई. इस घटना की जगह आज मुक्तसर साहिब के पास गुरुद्वारा दातनसर है.
कब्र पर जूते-चप्पल मारने का वीडियो वायरल (Video of shoes thrown on Noordins grave goes viral)
वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग नूरदीन की कब्र पर जूते-चप्पल मार रहे हैं, जो उनके गद्दारी के प्रतीक हैं. यह परंपरा वहां की संगत द्वारा निभाई जाती है तेजिंदर बग्गा ने कहा कि जब भी संगत गुरुद्वारा दातनसर आती है, तो वह नूरदीन की कब्र पर पांच-पांच बार जूते-चप्पल मारती है, ताकि इतिहास का यही संदेश सदियों तक रहे.
सोशल मीडिया पर बहस का तूल (Controversy on social media)
तेजिंदर बग्गा द्वारा साझा किए गए वीडियो ने सोशल मीडिया पर तगड़ी बहस छेड़ दी है. लोग अलग-अलग नजरिए से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ इसे ऐतिहासिक सच्चाई मानते हैं, तो कुछ इसे धार्मिक भावनाओं के खिलाफ भी ठहराते हैं.
यह कहानी हमें इतिहास की एक सच्चाई से रूबरू कराती है, जो आज भी हमें सिखाती है कि धोखा और गद्दारी का अंत हमेशा बुरा होता है. यह हमारी विरासत और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है, जिसे समझना और याद रखना जरूरी है.
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