थार रेगिस्तान में दिखा दुर्लभ कैराकल, कैमरे में कैद हुआ विलुप्त होते शिकारी का चौंकाने वाला नज़ारा

अधिकारियों के अनुसार, शोधकर्ता कैराकल के खाने-पीने की आदतें, शिकार करने का तरीका, रहने के इलाके इन सभी चीजों का अध्ययन कर रहे हैं. रेडियो कॉलर से मिली लोकेशन के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि यह जानवर किन इलाकों में ज्यादा सक्रिय रहता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
थार रेगिस्तान में दिखा दुर्लभ कैराकल, भारत में इसके अस्तित्व को लेकर बढ़ी उम्मीद

भारत-पाकिस्तान सीमा के पास थार रेगिस्तान में एक बेहद दुर्लभ जंगली बिल्ली ‘कैराकल' देखी गई है. इस अनोखी घटना ने वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों के बीच नई उम्मीद जगा दी है.

क्या है कैराकल?

कैराकल एक दुर्लभ और बेहद चालाक जंगली बिल्ली है, जिसे 'डेजर्ट लिंक्स' भी कहा जाता है. इसके लंबे काले बालों वाले कान इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं. यह जानवर आमतौर पर रात में शिकार करता है और सूखे व रेगिस्तानी इलाकों में आसानी से जीवित रह सकता है.

थार रेगिस्तान के पास वन विभाग ने कम से कम तीन काराकल की मौजूदगी की पुष्टि की है. इनमें एक रेडियो कॉलर वाला नर, एक बिना कॉलर वाली मादा और एक अन्य नर शामिल है. इतने लंबे समय बाद एक साथ तीन कैराकल का मिलना बेहद अहम माना जा रहा है.

देखें Video:

Advertisement

क्यों है यह खबर खास?

एक समय में कैराकल उत्तर-पश्चिम भारत में बड़ी संख्या में पाए जाते थे, लेकिन शिकार, आवास खत्म होने और पर्यावरण में बदलाव के कारण इनकी संख्या तेजी से घट गई. आज यह भारत में गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति मानी जाती है. इसलिए इसका दिखना बेहद दुर्लभ होता है.

वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान मिलकर इस प्रजाति की निगरानी कर रहे हैं. इलाके में कई कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं. कुछ कैराकल को रेडियो कॉलर पहनाया गया है. उनके मूवमेंट को रियल टाइम में ट्रैक किया जा रहा है. कैमरों में कैद तस्वीरों से इनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है.

Advertisement

रिसर्च से मिल रही अहम जानकारी

अधिकारियों के अनुसार, शोधकर्ता कैराकल के खाने-पीने की आदतें, शिकार करने का तरीका, रहने के इलाके इन सभी चीजों का अध्ययन कर रहे हैं. रेडियो कॉलर से मिली लोकेशन के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि यह जानवर किन इलाकों में ज्यादा सक्रिय रहता है.

लगातार निगरानी और रिसर्च से वैज्ञानिकों को कैराकल के व्यवहार को समझने में मदद मिल रही है. यह जानकारी भविष्य में इस दुर्लभ प्रजाति को बचाने और उसकी संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है.

यह भी पढ़ें: 11 साल का बच्चा उड़ा रहा प्लेन! छोटे पायलट ने की ऐसी लैंडिंग, देखकर किसी भी नहीं हो रहा यकीन

चलती ट्रेन में बीमार बच्ची के लिए तुरंत मिली मेडिकल मदद, भारतीय रेलवे की तारीफ करती नहीं थक रही मां

Advertisement

50 घंटे की ड्यूटी के बाद थकी हुई घर लौटी सर्जन बहू, सास ने उतारी आरती, लेकिन इस एक बात से नाराज हुए लोग

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Hormuz Strait | LPG | Trump | Iran Israel War | गैस का अंबार लिए कतार में खड़े जहाज
Topics mentioned in this article