पाकिस्तान में फर्जी Pizza Hut का उद्घाटन कर आए रक्षा मंत्री, असली कंपनी ने भेजा लीगल नोटिस, अब हो रही थू थू

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सियालकोट में जिस Pizza Hut का उद्घाटन किया, उसे कंपनी ने फर्जी बताया है. मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मंत्री जमकर ट्रोल हो गए.

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फर्जी Pizza Hut का उद्घाटन कर बैठे पाक रक्षा मंत्री

Pakistan Fake Pizza Hut: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ उस वक्त सोशल मीडिया पर मज़ाक का विषय बन गए, जब उन्होंने सियालकोट में जिस पिज़्ज़ा हट (Pizza Hut) आउटलेट का बड़े ही तामझाम से उद्घाटन किया, वही बाद में फर्जी निकला. तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद पिज़्ज़ा हट पाकिस्तान ने खुद बयान जारी कर उस आउटलेट से पल्ला झाड़ लिया.

देखें Video:

फीता कटा, तालियां बजीं… फिर मचा बवाल

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में ख्वाजा आसिफ को सियालकोट कैंटोनमेंट में एक पिज़्ज़ा हट ब्रांडेड आउटलेट का उद्घाटन करते देखा गया. फूलों की सजावट, रिबन कटिंग और कैमरों के सामने मुस्कुराते मंत्री, सब कुछ किसी आधिकारिक समारोह जैसा लग रहा था. लेकिन यह जश्न ज्यादा देर तक नहीं चला. 

Pizza Hut ने कहा- हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं...

वीडियो वायरल होने के बाद पिज़्ज़ा हट पाकिस्तान ने सार्वजनिक बयान जारी कर साफ किया कि यह आउटलेट पूरी तरह अनधिकृत और फर्जी है. कंपनी ने कहा- सियालकोट कैंटोनमेंट में खुला यह आउटलेट पिज़्ज़ा हट पाकिस्तान या Yum! ब्रैंड्स से किसी भी तरह से जुड़ा नहीं है. पिज़्ज़ा हट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह रेस्टोरेंट न तो उनकी रेसिपी फॉलो करता है, न ही क्वालिटी, फूड सेफ्टी और ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स. कंपनी ने बताया, कि उसने ट्रेडमार्क के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी दर्ज कराई है.

Official notice by Pizza Hut

सोशल मीडिया पर उड़ा मज़ाक

यह मामला सामने आते ही एक्स पर मीम्स और तंज की बाढ़ आ गई. एक यूज़र ने लिखा- एक फीता कटा और एक बयान जारी हुआ- रिकॉर्ड टाइम! दूसरे ने मज़ाक करते हुए कहा- जब पिज़्ज़ा हट खुद कहे- ये हमारी स्लाइस नहीं है. वहीं एक अन्य यूज़र ने चुटकी ली- रक्षा मंत्री उस आउटलेट का उद्घाटन कर बैठे, जो अपनी ब्रांड पहचान तक की रक्षा नहीं कर पाया. कुछ यूज़र्स ने इसे राजनीतिक लापरवाही से भी जोड़ा- नेशनल सिक्योरिटी से लेकर पिज़्ज़ा सिक्योरिटी तक, वेरिफिकेशन जरूरी है.

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जांच-पड़ताल पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले बुनियादी जांच क्यों नहीं की गई. सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है, कि रिबन कटिंग की तस्वीरें अब इस बात की मिसाल बन गई हैं कि ड्यू डिलिजेंस कितनी जरूरी होती है. 

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