Sri Sri Ravishankar Video on Gas from Water: भारत में LPG गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पानी का इस्तेमाल करके खाना पकाने की एक अलग तकनीक दिखाई गई है. इस वीडियो में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर यह समझाते नजर आते हैं कि कैसे पानी से हाइड्रोजन निकालकर उसे फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे गैस सिलेंडर की जरूरत कम हो सकती है. यह वीडियो ऐसे समय में चर्चा में आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात खराब होने के कारण सिलेंडर सप्लाई शॉर्टेज की चिंता लोगों को सता रही है. साथ ही होटलों‑रेस्टोरेंट्स में गैस की कमी महसूस होने लगी है.
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'पानी से जलेगा चूल्हा'
ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में श्री श्री रविशंकर एक नए तरह के कुकिंग फ्यूल के बारे में बताते हैं और इस तकनीक को विकसित करने का श्रेय महेश जी को देते हैं. इसमें वह समझाते हैं कि कैसे पानी से हाइड्रोजन निकालकर उसे खाना पकाने के लिए ईंधन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. श्री श्री रविशंकर कहते हैं 'महेश जी एक नई चीज लेकर आए हैं, पानी से कैसे चूल्हा जला सकते हैं. आधे लीटर पानी में कुछ भी नहीं करना पड़ेगा और कोई गैस सिलेंडर की जरूरत नहीं पड़ेगी. यहां आश्रम में भी पहले करेंगे और इससे कोई पॉल्यूशन भी नहीं होगा, कार्बन नहीं आएगी. ये मशीन पानी से Hydrogen और Oxygen अलग करता है. ऑक्सीजन हवा में छोड़ेगा और हाईड्रोजन से चूल्हा जलेगा.'
LPG सिलेंडरों पर निर्भरता होगी कम
गुरु श्री श्री रविशंकर वीडियो में बताते हैं कि अगर यह तकनीक प्रभावी रूप से लागू हो जाए, तो खाना पकाने के लिए LPG सिलेंडरों पर निर्भरता काफी हद तक कम की जा सकती है. वह कहते हैं कि इस सिस्टम को सबसे पहले आश्रम में इस्तेमाल करके टेस्ट किया जाएगा, और सफल होने पर इसे अन्य जगहों पर भी शुरू किया जाएगा. यह पहल आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन से जुड़ी है.
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LPG से स्वास्थ्य पर हो सकता है नकारात्मक प्रभाव
वीडियो में श्री श्री रविशंकर ने एलपीजी से खाना पकाने से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में भी बताया. उनका कहना है कि एलपीजी की सीधी लौ पर पकाया गया खाना कभी‑कभी काला पड़ जाता है और यह जली हुई परत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है. आमतौर पर एलपीजी के जलने से कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे गैसें निकलती हैं, जबकि वीडियो में दिखाए गए पानी‑आधारित हाइड्रोजन सिस्टम से दावा किया गया है कि इसमें कार्बन पैदा नहीं होता. उनके मुताबिक, इससे हवा साफ रखने में मदद मिल सकती है और रसोई में प्रदूषण भी कम होगा.
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.














