बेंगलुरु के एक उद्यमी की प्रेरणादायक कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है. प्रदीप कन्नन ने 2019 में Oracle India की अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर The Falooda Shop की शुरुआत की थी. आज 6 साल में उनका छोटा सा आइडिया एक बड़े ब्रांड में बदल चुका है, जिसके भारत और दुबई में कुल 18 आउटलेट हैं. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पहले आउटलेट की लागत का पूरा विवरण शेयर किया, जिसने कई लोगों का ध्यान खींचा.
पहले आउटलेट पर आया करीब 22 लाख रुपये का खर्च
प्रदीप कन्नन के अनुसार, बेंगलुरु में पहला आउटलेट शुरू करने के लिए कुल लगभग 22 लाख रुपये का निवेश करना पड़ा. इसमें शामिल थे:
- 2.4 लाख रुपये - दुकान का रेंट डिपॉजिट
- 60 हज़ार रुपये - लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- 2 लाख रुपये - बेसिक उपकरण
- 10 लाख रुपये - फर्नीचर और इंटीरियर
- 3.2 लाख - शुरुआती कच्चा माल और पैकेजिंग
- 80 हज़ार - पहले महीने का स्टाफ वेतन
- 1 लाख - ब्रांडिंग और लॉन्च
- 2 लाख - वर्किंग कैपिटल
उन्होंने बताया कि शुरुआत में 3 लाख रुपये का वर्किंग कैपिटल रखने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे 2 लाख तक सीमित रखा. कन्नन का कहना है, फैंसी इंटीरियर की जरूरत नहीं होती, जरूरी है कि ग्राहक बार-बार लौटकर आएं.
नौकरी छोड़ने पर लोगों ने उड़ाया था मजाक
प्रदीप कन्नन पहले Oracle India में ऑपरेशंस हेड थे और एक स्थिर व अच्छी सैलरी वाली नौकरी कर रहे थे. उन्होंने बताया, कि जब उन्होंने नौकरी छोड़कर फालूदा का बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया, तो कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा, कि समाज के हिसाब से उनकी जिंदगी पूरी तरह ‘सेटल' थी, लेकिन अंदर से वह संतुष्ट नहीं थे. इसी कारण उन्होंने बेंगलुरु छोड़कर तमिलनाडु के अपने गृह नगर करूर लौटने और वहां से व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया.
छोटा आइडिया बना बड़ा ब्रांड
आज The Falooda Shop एक सफल ब्रांड बन चुका है और तेजी से विस्तार कर रहा है. यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो सुरक्षित नौकरी छोड़कर अपने जुनून को करियर बनाना चाहते हैं.
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