IT इंजीनियर से ज्यादा बचत करता है ट्रक ड्राइवर? दिल्ली के बिजनेसमैन का दावा, कमाई सुन हैरान रह गए लोग

दिल्ली के एक उद्यमी ने दावा किया है कि उनके ट्रक ड्राइवर कई सॉफ्टवेयर इंजीनियरों से ज्यादा बचत करते हैं. यह पोस्ट ब्लू-कॉलर और व्हाइट-कॉलर नौकरियों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
ट्रक ड्राइवर की कमाई सुनकर लोग रह गए हैरान

दिल्ली के एक उद्यमी का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने दावा किया है कि उनके टॉप ट्रक ड्राइवर हाथ में मिलने वाली कमाई और बचत के मामले में कई सॉफ्टवेयर डेवलपर्स से आगे हैं. इस पोस्ट ने भारत में ब्लू-कॉलर और व्हाइट-कॉलर नौकरियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. यह पोस्ट डामन सिंह ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कमाई और खर्च के गणित को समझाते हुए लोगों से कौशल का सम्मान करने की अपील की.

सैलरी नहीं, बचत का गणित

डामन सिंह ने लिखा, कि मेट्रो शहरों में एक फ्रेश IT ग्रेजुएट की शुरुआती सैलरी करीब 40 हजार होती है. लेकिन किराया, टैक्स और खाने-पीने जैसे खर्चों के बाद उसके पास महीने के अंत में बहुत कम पैसे बचते हैं. उन्होंने कहा, 40,000 रु में से 30% किराया या पीजी में चला जाता है. टैक्स और ऑनलाइन फूड के खर्च के बाद अंत में करीब 5,000 रु ही बचते हैं. इसके मुकाबले उन्होंने बताया कि उनके अनुभवी हैवी-ड्यूटी ट्रक ड्राइवर 45,000 से 55,000 रु तक कैश में कमाते हैं. उन्होंने लिखा, न किराया, न इनकम टैक्स. वे अपने गांव में घर बना रहे हैं, जबकि इंजीनियर शहर में EMI चुका रहा है” 

ब्लू-कॉलर काम को लेकर सोच बदलने की अपील

डामन सिंह का कहना है कि असंगठित क्षेत्र में बड़ी मात्रा में संपत्ति का निर्माण हो रहा है, लेकिन लोग अब भी ट्रकों की धूल देखते हैं, बैंक बैलेंस नहीं. उन्होंने पोस्ट में लिखा, लोग ब्लू-कॉलर काम को कम समझते हैं, लेकिन गणित अहंकार नहीं देखता. अहंकार छोड़िए और स्किल का सम्मान कीजिए.

देखें Video:

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

यह पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं. एक यूजर ने लिखा, मेरे ट्रक ड्राइवर के पास खुद की कार है. वहीं, कुछ लोगों ने ट्रक ड्राइवरों के काम की कठिनाई की ओर भी ध्यान दिलाया. एक यूजर ने कहा, ज्यादा कमाई का मतलब आसान जिंदगी नहीं है, ट्रकिंग बेहद कठिन काम है. इस पर डामन सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि यह बात सही है, लेकिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जिंदगी भी आसान नहीं होती.

कौन हैं डामन सिंह?

डामन सिंह ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS) पिलानी से इंजीनियरिंग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से MBA किया है. शुरुआती करियर में अलग-अलग संगठनों में काम करने के बाद वह अब अपने पारिवारिक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को संभाल रहे हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 38,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जहां वह लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री की अनदेखी दुनिया और जीवन से जुड़े अनुभव शेयर करते रहते हैं.

Advertisement

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

यह भी पढ़ें: पानीपुरी का ‘कॉम्बैट वर्जन'! मुंबई के स्ट्रीट वेंडर का अनोखा अंदाज वायरल, वॉटर गन से परोस रहा जलजीरा

Advertisement

ट्रैक पर रोज़ घंटों पैदल चलना, 9 घंटे खड़े रहना, महिला ट्रेन मैनेजर ने दिखाई रेलवे नौकरी की सच्चाई

वर्क फ्रॉम होम से मना करना पड़ा भारी! बॉस का हुआ इतना बड़ा नुकसान, कि बदलनी पड़ी पूरी पॉलिसी

Featured Video Of The Day
US Iran Tension | 2 दिनों में कुछ बड़ा होने वाला है? Trump की KILL LIST तैयार हो गई? | BREAKING NEWS
Topics mentioned in this article