फोन बंद, जेब खाली… फिर जो ऑटो ड्राइवर ने किया, कहानी पढ़कर नम हो जाएंगी आंखें

इस कहानी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. किसी ने लिखा कि यह कहानी पढ़कर दिन बन गया, तो किसी ने कहा कि जिनके पास कम होता है, वही सबसे ज्यादा देते हैं.

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दिल्ली की सर्द रात में इंसानियत की गर्माहट

दिल्ली को अक्सर गुस्से, भागदौड़ और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी शहर में कभी-कभी ऐसी कहानियां सामने आती हैं जो इंसानियत पर फिर से भरोसा जगा देती हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कहानी ने लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जिसमें एक ऑटो ड्राइवर ने बिना पैसे लिए सवारी को जाने दिया.

दिल्ली के एक युवक ने रेडिट पर अपनी एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाली कहानी साझा की है. युवक लाजपत नगर में था और घर लौटने के लिए कैब बुक करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे एहसास हुआ कि उसके फोन की बैटरी सिर्फ 4 प्रतिशत बची है. फोन बंद होने के डर से उसने तुरंत एक ऑटो रोका और मीटर के अलावा 20 रुपये अतिरिक्त देने की बात तय हुई. सफर के दौरान सब सामान्य था, लेकिन मंज़िल पर पहुंचते ही असली परेशानी सामने आई.

Kind of crazy wholesome story
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युवक को याद आया कि उसके बटुए में एक भी रुपया नहीं है. उसने सोचा कि कोई बात नहीं, फोन से भुगतान कर देगा. लेकिन जैसे ही उसने ऑटो ड्राइवर का क्यूआर कोड स्कैन किया, फोन पूरी तरह बंद हो गया. फोन बंद होते ही युवक घबरा गया. उसने डरते हुए ऑटो ड्राइवर से कहा कि वह घर से पैसे लेकर आता है और उनसे इंतजार करने की अपील की. उसे लगा कि ड्राइवर नाराज़ होगा या उसे धोखेबाज़ समझेगा. लेकिन जो हुआ, उसने युवक को अंदर तक झकझोर दिया.

ऑटो ड्राइवर मुस्कुराया और बोला, कोई बात नहीं भाई, घर जाओ. बहुत ठंड है. युवक ने फिर भी ज़िद की कि वह पैसे लाकर देता है, लेकिन ड्राइवर ने ऑटो स्टार्ट किया और कहा, कभी और मिलेंगे तो दे देना, या किसी और की मदद कर देना. टेंशन मत लो. यह कहकर वह वहां से चला गया.

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गर्व का एहसास

युवक कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा. उसके मन में अपराधबोध भी था और दिल को छू लेने वाली खुशी भी. उसने लिखा कि जिस शहर में 10 रुपये के लिए बहस हो जाती है, वहां किसी ने 150 रुपये सिर्फ इसलिए छोड़ दिए क्योंकि सामने वाला घबराया हुआ था. 

दिल्ली और उसकी इंसानियत

इस कहानी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. किसी ने लिखा कि यह कहानी पढ़कर दिन बन गया, तो किसी ने कहा कि जिनके पास कम होता है, वही सबसे ज्यादा देते हैं. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि दिल्ली सिर्फ भीड़ और शोर नहीं है, बल्कि यहां ऐसे लोग भी हैं जो बिना कुछ कहे दिल जीत लेते हैं.

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