32 हजार एक को, 14 हजार दूसरी को...बेंगलुरु की मां ने किया ऐसा खुलासा, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जरा सोचिए...सुबह की भागदौड़, लैपटॉप खुला है, मीटिंग का टाइम हो रहा है और पीछे से बच्चे की आवाज आ रही है. दिल ऑफिस में कम, बच्चों में ज्यादा अटका रहता है. ऐसे में अगर कोई मां खुलकर कह दे कि वह हर महीने 46 हजार रुपये सिर्फ नैनी पर खर्च करती है, तो जाहिर है चर्चा तो होगी ही.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
बेंगलुरु की यह मां बच्‍चे संभालने वाली पर कर रही इतना खर्च, नैनी को सैलरी सुन सन्‍न रह जाएंगे

Mom Pays  46,000 To Kids Nannies: मेट्रो शहरों की जिंदगी अब आसान नहीं रही. करियर, बच्चों की परवरिश और खुद के लिए वक्त के बीच जद्दोजहद चलती रहती है. ऐसे में बेंगलुरु की एक मां का नैनी सैलरी वाला खुलासा सोशल मीडिया पर बहस की वजह बन गया है.

ये भी पढ़ें:- फरवरी ही क्यों है सबसे छोटा महीना? 2000 साल पुरानी रोमन कहानी में बताया इसके पीछे की कहानी

46 हजार रुपये हर महीने (RS 46,000 Every Month on Nanny)

बेंगलुरु की रहने वाली Parveen Choudhury ने इंस्टाग्राम पर बताया कि वह अपने 3 और 4 साल के दो बेटों के लिए दो नैनी रखती हैं. पहली नैनी को 32,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं. वह खाना बनाती है, सफाई करती है और बच्चों की देखभाल करती है. जरूरत पड़ने पर रात में भी रुकती है. दूसरी नैनी को 14,000 रुपये मिलते हैं, जो बैकअप सपोर्ट देती है.

बहस क्यों छिड़ी (Bengaluru Mom Insta Video Viral

परवीन का कहना है कि यह सिर्फ पैसों का लेन देन नहीं, बल्कि भरोसे और सुकून का रिश्ता है. वह अपनी नैनियों को बच्चों की मौसी मानती हैं. उनका दावा है कि इसी सपोर्ट की वजह से वह काम कर पाती हैं और कभी कभी सोलो ट्रैवल भी कर लेती हैं. हालांकि, सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया. कुछ लोग इसे modern parenting बता रहे हैं, तो कुछ ने इसे फिजूलखर्ची कहा.

ये भी पढ़ें:-भारतीय ट्रेन में जब विदेशी टूरिस्ट ने बुक की स्लीपर सीट, भीड़ और बच्चों के साथ हुआ कुछ ऐसा...सफर बन गया यादगार

Advertisement

बदलता पैरेंटिंग कल्चर (Changing Parenting Culture in Metro Cities)

मेट्रो शहरों में nuclear family और dual income lifestyle आम हो चुका है. ऐसे में बच्चों की देखभाल के लिए nanny रखना मजबूरी भी बन जाता है. Bengaluru parenting cost, nanny culture in India, metro city lifestyle जैसे मुद्दे अब खुलकर सामने आ रहे हैं. यह खबर आज की कामकाजी माताओं की असल जद्दोजहद दिखाती है. परवरिश का तरीका हर परिवार का अलग होता है. अहम बात यह है कि बच्चे सुरक्षित और खुश रहें. बहस अपनी जगह है, लेकिन बदलते दौर में parenting का अंदाज भी बदल रहा है.

ये भी पढ़ें:-बनाने चले थे कुछ, बन गया YouTube, क्या आपको पता था कि एक फ्लॉप आइडिया से बना यूट्यूब?

Advertisement

Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

Featured Video Of The Day
Bangladesh PM Oath Today: इतिहास रच रहे तारिक रहमान! आज बनेंगे बांग्लादेश के पीएम | Tarique Rahman