अमेरिका पर भरोसा खो चुके हैं, लेकिन समझौते के लिए अब भी तैयार: ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हमने वार्ताकार के रूप में अमेरिका पर से भरोसा खो दिया है. अविश्वास को दूर करने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि अब क्षेत्र में कुछ मध्यस्थ, कुछ मित्र देश हैं जो इस भरोसे को फिर से कायम करने की कोशिश कर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका पर उनका भरोसा एक वार्ताकार के रूप में खत्म हो चुका है.
  • ईरान परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौता करने के लिए तैयार है.
  • अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध नहीं चाहते लेकिन सैन्य कार्रवाई की आशंका से गंभीर रूप से चिंतित हैं.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंका बनी हुई है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है. अराघची ने कहा कि ईरान ने एक वार्ताकार के तौर पर अमेरिका पर से अपना भरोसा खो दिया है. हालांकि इसके बावजूद ईरान का कहना है कि वह परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौता करने के लिए तैयार है. 

सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन गलत सूचनाओं और गलत अनुमानों पर आधारित किसी भी सैन्य कार्रवाई को लेकर वह गंभीर रूप से चिंतित है. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें अपने स्वार्थ के लिए अमेरिका को ईरान के साथ संघर्ष में धकेलने की कोशिश कर रही हैं. अराघची ने विश्वास जताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इतना विवेक रखते हैं कि वे ऐसे हालात में सही फैसला लेंगे. 

ये भी पढ़ें: 'अमेरिका ने हमला किया तो छिड़ेगा युद्ध', ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की ट्रंप को चेतावनी

अविश्‍वास को दूर करने की जरूतर: अघारची

साथ ही उन्‍होंने कहा कि एक सार्थक वार्ता विश्वास पर आधारित होनी चाहिए और दुर्भाग्य से हमने वार्ताकार के रूप में अमेरिका पर से अपना भरोसा खो दिया है. हमें इस अविश्वास को दूर करने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि अब क्षेत्र में कुछ मध्यस्थ, कुछ मित्र देश हैं जो इस भरोसे को फिर से कायम करने की कोशिश कर रहे हैं. यह मुश्किल है, लेकिन वे कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने के समझौते में तेहरान की बात मान लेता है तो ईरान आगे की बातचीत के लिए तैयार है.

Advertisement

अराघची ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने परमाणु हथियार नहीं रखने की बात कही है और हम इससे पूरी तरह सहमत हैं. यह एक बहुत अच्छा समझौता हो सकता है. बेशक हम बदले में प्रतिबंध हटने की उम्मीद करते हैं. यह समझौता संभव है.

ये भी पढ़ें: ईरान में बड़ा ब्लास्ट, इमारत की दो मंजिल हो गईं राख, क्या अमेरिका-इजरायल का हाथ

सैन्‍य संघर्ष को लेकर दी अमेरिका को चेतावनी

इसके साथ ही अराघची ने सैन्‍य संघर्ष को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध इस क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा. उन्होंने जून 2025 में इजरायल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध सहित सहित पिछली ऐसी घटनाओं का हवाला दिया.

Advertisement

उन्‍होंने कहा कि पिछले संघर्ष में हमने ईरान और इजरायल के बीच युद्ध के दायरे को सीमित करने की कोशिश की थी. इस बार अगर यह ईरान और अमेरिका के बीच होता है तो क्षेत्र के कई हिस्से अनिवार्य रूप से इसमें शामिल होंगे और यह बहुत खतरनाक हो सकता है.

Featured Video Of The Day
NDTV Creators Manch 2026 | Pragya Sharma की दास्तां-ए-इश्क, कैफी आजमीऔर शौकत की रोमांटिक लव स्टोरी
Topics mentioned in this article