दुनिया में सबसे कम आबादी वाला देश वेटिकन सिटी है, जिसकी आबादी महज 8 सौ से एक हजार लोगों की है. दुनिया की दूसरी सबसे कम आबादी वाला देश प्रशांत महासागर का तुवालु है, जिसकी जनसंख्या लगभग 11 हजार है.वेटिकन सिटी का क्षेत्रफल सिर्फ 0.49 वर्ग किलोमीटर यानी लगभग 109 एकड़ ही है. यानी दिल्ली के प्रगति मैदान से भी छोटा है, जिसका एरिया 123 से 150 एकड़ के करीब है. दिल्ली का चिड़ियाघर भी 176 एकड़ में है और इससे बड़ा है. देश के किसी बड़े खेल स्टेडियम या बड़े कॉलेज कैंपस जितना इसका दायरा है.
वेटिकन सिटी की स्थापना
वेटिकन सिटी का उदय 11 फरवरी 1929 को हुआ था, यानी करीब सौ साल पहले. तब इटली की बेनिटो मुसोलिनी सरकार और कैथोलिक चर्च के बीच संधि पर हस्ताक्षर किए गए. वेटिकन सिटी को स्वतंत्र और संप्रभु देश के तौर पर मान्यता दी गई.
सबको नागरिकता नहीं मिलती
वेटिकन सिटी दुनिया का इकलौता संप्रभु देश है, जिसकी आबादी 1000 से कम है, लेकिन यहां की नागरिकता जन्म के आधार पर नहीं मिलती. वेटिकन सिटी का नागरिक कोई अपने काम के आधार पर ही बन सकता है. जैसे ही कोई शख्स अपनी सेवाएं पूरी कर लेता है, वो वेटिकन का नागरिक नहीं रहता. वो दोबारा इटली का नागरिक हो जाता है, या फिर जिस देश से वो आया होता है. वेटिकन सिटी के नागरिकों में मुख्य तौर पर कैथोलिक पादरी, कार्डिनल और सिक्योरिटी गार्ड हैं. वेटिकन सिटी प्राचीन समय में यह पापल स्टेट्स का हिस्सा था. लेकिन 1870 में इटली के एकीकरण के दौरान पोप की राजनीतिक ताकत खत्म हो गई.
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कैथोलिक धर्म का सबसे बड़ा केंद्र
वेटिकन सिटी पूरी तरह धर्मशासित राज्य के साथ कैथोलिक धर्म का सबसे बड़ा केंद्र है. पोप इस देश के सर्वोच्च शासक माने जाते हैं. किसी देश की सरकार की तरह पोप (Holy See) के पास ही उस देश के कानून बनाने, सरकार चलाने और जज की तरह फैसले देने की शक्ति होती है.पोप का चुनाव दुनिया भर के कार्डिनल की एक गोपनीय सभा में किया जाता है.अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस देश का प्रतिनिधित्व भी पोप करते हैं. विश्व के अधिकांश देशों के साथ वेटिकन सिटी के राजनयिक संबंध हैं. संयुक्त राष्ट्र में वेटिकन सिटी एक स्थायी पर्यवेक्षक देश है.
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वेटिकन सिटी की सेना नहीं
वेटिकन सिटी की अपनी कोई सेना नहीं है. शहर में पोप की सुरक्षा की जिम्मेदारी 1956 से स्विस सिक्योरिटी गार्ड संभालते आ रहे हैं. स्विस गार्ड के सैनिक चमकीली नीली पीली लाल रंग की पोशाक पहनते हैं. इस सुरक्षा घेरे में शामिल शख्स के लिए स्विस नागरिक, अविवाहित और कैथोलिक होना जरूरी है.
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वेटिकन सिटी की अर्थव्यवस्था
वेटिकन सिटी की अपनी कोई करेंसी नहीं है और यूरो का इस्तेमाल होता है, लेकिन वो अपनी यूरो करेंसी खुद ढालता है. यहां के सिक्के हर किसी बाहरी शख्स को आसानी से नहीं मिलते हैं. इस देश में कोई टैक्स भी नहीं लगता है. वेटिकन की अर्थव्यवस्था यहां आने वाले टूरिस्ट, डाक टिकट, सिक्कों और सोवेनियर से चलती है. विश्व भर के कैथोलिक वेटिकन सिटी को बड़े पैमाने पर दान भी देते हैं.
पूरा देश ही यूएन की धरोहर
वेटिकन सिटी दुनिया का इकलौता देश है, जो पूरा यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया है.यह दुनिया की सबसे बड़ी चर्च इमारतों में से एक है. यह ईसाई धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में एक है. कहा जाता है कि इसे ईसा मसीह के प्रमुख अनुयायी सेंट पीटर की कब्र पर बनाया गया है.इस चर्च की छत पर प्रसिद्ध शिल्पकार माइकल एंजेलो की मशहूर पेंटिंग सिस्टिन चैपल लगी है.वेटिकन के म्यूजियम में भी पोप और कैथोलिक धर्म की कलाकृतियों और शिल्प का विशाल संग्रह है. दुनिया के 150 करोड़ के करीब कैथोलिक ईसाइयों के लिए यह श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र है.