- ईरान ने जंग में अधिकतर शीर्ष नेताओं को खो दिया है लेकिन अपनी सबसे पावरफुल मिसाइलें अभी तक इस्तेमाल नहीं की हैं
- ईरान ने अपनी एडवांस मिसाइलों कासिम बसीर, एतेमाद, फतह 2 और राड 500 का जंग में इस्तेमाल नहीं किया है
- विश्लेषकों के अनुसार ईरान अपने मिसाइल जखीरे को बचाकर रख रहा है और अभी भी उसके पास सैकड़ों मिसाइलें मौजूद हैं
US Israel War against Iran: ईरान के दिग्गज सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, कई अन्य टॉप के नेता और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर अमेरिकी-इजरायल हमलों में मारे जा चुके हैं... ईरान के हजारों लोगों और सैनिकों की मौत हुई है... जंग को शुरू हुए लगभग 1 महीने होने वाले हैं... सवाल है कि जब सैन्य हालात यहां तक पहुंच गए हैं तो ईरान ने अभी तक अपने ब्रह्मास्त्र यानी सबसे शक्तिशाली मिसाइलों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया है. क्या वो इस इंतजार में है कि इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर पड़े और आखिर में इन मिसाइलों का इस्तेमाल करके उसे बड़ी चोट दी जाए. कई एक्सपर्ट तो यही मान रहे हैं. चलिए आपको बताते हैं कि ईरान किन मिसाइलों को बचाकर रख रहा है.
ईरान ने अबतक कौन-कौन सी मिसाइलें बचाकर रखीं?
फाइनेंसियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार CIA के पूर्व एनालिस्ट और जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज के एक सीनियर रिसर्च एसोसिएट जिम लैमसन ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि तेहरान अपनी कुछ सबसे सक्षम मिसाइलों को रिजर्व में रख रहा, भले इन नई मिसाइलों का जखीरा सीमित होने की संभावना है.
लैमसन ने कहा कि ईरान की कई ऐसी एडवांस मिसाइलें हैं जिन्हें इस जंग में अबतक इस्तेमाल नहीं किया गया है. इनमें कासिम बसीर, एतेमाद और फतह -2 शामिल हैं. लैमसन ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कहा कि राड-500 मिसाइल का भी अब तक खाड़ी में उपयोग नहीं किया गया है. चलिए आपको इन मिसाइलों के बारे में बताते हैं.
कासिम बसीर मिसाइल- यह ईरान की सबसे नई मिसाइल है. इसे ईरान के रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल मई में लॉन्च किया था और दावा किया था कि इससे ईरान अपने दुश्मनों पर "वे जहां कहीं भी हों और जब भी आवश्यक हो" हमला कर सकता है. यह मिसाइल 500 किलोग्राम का बम ले जा सकती है. ईरान ने कहा है कि यह मिसाइल ऑप्टिकली गाइडेड "टर्मिनल सीकर" से लैस है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से जैम नहीं किया जा सकता है. यह ईरान के जखीरे में सबसे एडवांस मिसाइलों में से एक है.
एतेमाद मिसाइल- एतेमाद एक नई ईरानी सटीक-टारगेटेड, मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है जिसका फरवरी 2025 में लॉन्च किया गया था. इसे 1,700 किलोमीटर तक गादा जा सकता है. पुरानी इमाद मिसाइल पर आधारित मिसाइल है.
फतह 2 मिसाइल- फतह 2 ईरान द्वारा विकसित एक नई हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसे नवंबर 2023 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा पेश किया गया था. यह फतह 1 का एडवांस वर्जन है, जो हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन (HGV) तकनीक का उपयोग करता है.
राड 500 मिसाइल- राड500 एक ईरानी कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (एसआरबीएम) है जिसे IRGC ने फरवरी 2020 में लॉन्च किया था.
ईरान ऐसा क्यों कर रहा है?
इजरायल के पास आयरन डोम नाम का दुनिया के सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है. ईरान की अधिकतर मिसाइलों को यह हवा में ही तबाह कर देता है. ईरान इंतजार में है कि यह डिफेंस सिस्टम कमजोर पड़े और तब वह अपने सबसे खतरनाक मिसाइलों को इजरायल पर भेज सके. इस जंग में दोनों पक्ष एक दूसरे को चकमा देने में लगे हुए हैं, आगे वाले को थका देने की कोशिश कर रहे हैं. ईरान अपनी सर्वश्रेष्ठ मिसाइलों को बर्बाद नहीं करना चाहता अगर उन्हें इजरायल के एरो और डेविड के स्लिंग एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम द्वारा मार गिराया जाएगा. वहीं इजरायल भी अपनी ओर आती उन मिसाइलों पर इंटरसेप्टर मिसाइल बर्बाद नहीं करना चाहता जो नुकसान नहीं पहुंचाएंगी. फाइनेंसियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार विश्लेषकों का कहना है कि ईरान अपने मिसाइलों के जखीरे को बचा रहा है, और संभवतः अभी भी उसके पास सैकड़ों मिसाइलें हैं.













