निर्णायक मोड़ की ओर अमेरिका-ईरान जंग, ‘आखिरी घंटों’ में दुनिया में क्या चल रहा है?

US Iran War and Donald Trump's Deadline: डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान मंगलवार की रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक हॉर्मुज को जहाजों के लिए नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर देगा. ट्रंप को युद्ध अपराध का भी डर नहीं है.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
US Iran War: निर्णायक मोड़ की ओर अमेरिका-ईरान जंग
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए खोलने की डेडलाइन दी है
  • ईरान ने धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि उनका सैन्य अभियान अमेरिकी और इजरायली सेनाओं के खिलाफ जारी रहेगा
  • युद्धविराम के लिए मध्यस्थ देशों का प्रस्ताव दोनों पक्षों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

US Iran War and Donald Trump's Deadline: आज यानी मंगलवार का दिन अमेरिका और ईरान की जंग में डी-डे यानी सबसे अहम दिन साबित हो सकता है. जंग निर्णायक मोड़ की ओर जाती दिख रही है क्योंकि आज ईरान को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी गई डेडलाइन रात के 8 बजे (पूर्वी समय) खत्म हो रही है. ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वह इस वक्त तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा. उसे धरती पर नरक बना देगा. पिछले 39 दिनों से जारी संघर्ष के इस अहम क्षण में कई देशों में हमले, सुरक्षा अलर्ट और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि डेडलाइन के बाद क्या होता है. हम आपको यहां बताते हैं कि ‘आखिरी घंटों' में दुनिया में क्या चल रहा है.

ट्रंप की धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान मंगलवार की रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक हॉर्मुज को जहाजों के लिए नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर देगा. भारतीय समयानुसार यह डेडलाइन बुधवार की सुबह 5.30 बजे खत्म हो रही है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमारे पास एक योजना है जिसमें ईरान के हर पुल को नष्ट कर दिया जाएगा. ईरान के हर बिजली संयंत्र को बंद कर दिया जाएगा. वे जलेंगे, फटेंगे और फिर कभी इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यह सब चार घंटे के अंदर किया जा सकता है. उन्होंने उन आरोपों को भी नजरअंदाज कर दिया कि नागरिक ढ़ाचों पर ऐसे हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं.

ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं

ट्रंप की डेडलाइन करीब आती जा रहा है लेकिन मंगलवार को भी ईरान के पीछे हटने का कोई संकेत नहीं मिला. ईरानी सेना ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को “घमंडी बयान और बेबुनियाद धमकी” बताया. सेना ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली सेनाओं के खिलाफ उनके अभियान जारी रहेंगे. ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया केंद्रीय कमान ने डोनाल्ड ट्रंप को “भ्रमित” बताया और कहा कि इस्लाम के योद्धाओं के अमेरिकी और जियोनिस्ट दुश्मनों के खिलाफ अभियान जारी रहेंगे. इस बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा जमीनी आक्रमण होने पर 1.4 करोड़ लोगों ने देश के लिए लड़ने के लिए वालंटियर किया है. 

तो कहां अटका शांति समझौता?

डोनाल्ड ट्रंप और ईरान दोनों ने कहा है कि 45 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव अभी तैयार नहीं है. इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों ने आगे बढ़ाया है लेकिन दोनों इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं. अमेरिकी मीडिया के अनुसार इसमें पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. पहले तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यह एक “महत्वपूर्ण प्रस्ताव” है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि यह पर्याप्त नहीं है.

Advertisement

वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार तेहरान में बैठी सरकार ने भी युद्धविराम के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि संघर्ष का स्थायी अंत होना चाहिए. द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरान भविष्य में हमले न होने की गारंटी और दक्षिणी लेबनान में उसके सहयोगी हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमले बंद करने की मांग कर रहा है.

इस योजना के तहत ईरान हॉर्मुज को फिर से खोलेगा, लेकिन हर जहाज से लगभग 20 लाख डॉलर शुल्क लेगा. इस पैसे को वह पड़ोसी देश ओमान के साथ साझा करेगा.

Advertisement

क्या आखिरी वक्त में फिर यूटर्न मारेंगे ट्रंप?

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप को लगे कि समझौता होने वाला है, तो वे कार्रवाई को कुछ समय के लिए रोक सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा, “अगर राष्ट्रपति को लगे कि समझौता बनने वाला है, तो वे शायद रुक सकते हैं. लेकिन यह फैसला सिर्फ वही और केवल वही लेते हैं.” हालांकि इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बार समय बढ़ाए जाने पर संदेह है.

यह भी पढ़ें: ईरान पर ‘फाइनल अटैक' से पहले ट्रंप का एक और यूटर्न? डील होती दिखी तो हमला टालने को तैयार: रिपोर्ट

मिडिल ईस्ट में इस समय क्या चल रहा है?

  • सोमवार रात सऊदी अरब के पूर्वी शहर जुबैल के औद्योगिक क्षेत्र में एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला हुआ. 
  • मंगलवार सुबह अमेरिका और इजरायल के हमलों में तेहरान में एक सिनागॉग (यहूदी उपासना स्थल) पूरी तरह नष्ट हो गया. यह जानकारी ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी और शरघ अखबार ने दी. रिपोर्ट के अनुसार रफी-निया सिनागॉग इस हमले में पूरी तरह तबाह हो गया. यहूदी धर्म ईरान के आधिकारिक धर्मों में से एक है. हालांकि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद वहां से कई यहूदी लोग देश छोड़कर चले गए थे.
  • इजरायल की सेना ने मंगलवार सुबह ईरानियों से कहा कि रात 9 बजे तक (ईरान समय) ट्रेन से यात्रा न करें. सेना ने X पर यह मैसेज दिया, जिससे संकेत मिला इन 12 घंटों में ईरान के रेलवे नेटवर्क पर हमले हो सकते हैं.
  • इसी बीच सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला मुख्य पुल किंग फहद कॉजवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा अलर्ट के बाद यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया. किंग फहद कॉजवे ऑथोरिटी ने कहा, “सुरक्षा के मद्देनजर किंग फहद ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है.” किंग फहद कॉजवे लगभग 25 किलोमीटर लंबा पुलों का नेटवर्क है जो सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ता है.
  • एक और खास बात. मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक प्रस्ताव पर वोटिंग होने की उम्मीद है. हालांकि यहां ईरान को चीन और रूस का साथ मिला है और यह प्रस्ताव पहले की तुलना में काफी कमजोर कर दिया गया है. 

यह भी पढ़ें: ईरान के लिए मंगलवार होगा 'अमंगल'? रात 8 बजे नरक बनाने को तैयार ट्रंप, उधर UN में चीन-रूस बने 'संकटमोचक'

Featured Video Of The Day
Iran War BREAKING | 'स्थाई रूप से युद्ध खत्म हो..' जंग रोकने के लिए ईरान की 10 नई शर्त | US Iran War
Topics mentioned in this article