ईरान पर हमले से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री की थी मोटा पैसा बनाने की तैयारी! पेंटागन ने बताया मनगढंत

फाइनेंशियल टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ के मॉर्गन स्टेनली स्थित ब्रोकर ने ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों से कुछ दिन पहले ही फरवरी में ब्लैक रॉक से संपर्क किया था, जिससे एसेट मैनेजर के डिफेंस इंडस्ट्रियल्स एक्टिव ईटीएफ में करोड़ों डॉलर का निवेश किया जा सके. 

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिकी रक्षा मंत्री पर आरोप है कि उनके ब्रोकर ने ईरान हमले से पहले डिफेंस फंड में निवेश की कोशिश की थी.
  • पेंटागन ने फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है.
  • रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ के ब्रोकर ने हमलों से कुछ दिन पहले ही फरवरी में ब्लैक रॉक से संपर्क किया था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से जुड़ी कथित निवेश की कोशिश को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान पर अमेरिका‑इजरायल के हमलों से कुछ हफ्ते पहले ही हेगसेथ के ब्रोकर ने प्रमुख रक्षा कंपनियों में बड़े निवेश की कोशिश की थी. हालांकि, पेंटागन ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से झूठा और मनगढंत बताया है. साथ ही पेंटागन ने रिपोर्ट को वापस लेने की भी मांग की है. 

फाइनेंशियल टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ के मॉर्गन स्टेनली स्थित ब्रोकर ने ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों से कुछ दिन पहले ही फरवरी में ब्लैक रॉक से संपर्क किया था, जिससे एसेट मैनेजर के डिफेंस इंडस्ट्रियल्स एक्टिव ईटीएफ में करोड़ों डॉलर का निवेश किया जा सके. 

ये भी पढ़ें: ईरान ने दुबई के पास बड़े तेल टैंकर को बनाया निशाना, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, ट्रंप की ईरान को खुली धमकी

ब्रोकर को कितना अधिकार? यह साफ नहीं 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्लैक रॉक में एक हाई-प्रोफाइल संभावित ग्राहक की ओर से पूछताछ को गंभीरता से लिया गया था. हालांकि रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि हेगसेथ की ओर से निवेश करने का ब्रोकर को कितना अधिकार था या क्या हेगसेथ को ब्रोकर की गतिविधियों की जानकारी थी. हालांकि, इसमें यह भी बताया गया कि आखिरकार यह निवेश आगे क्‍यों नहीं बढ़ पाया, क्योंकि पिछले साल मई में लॉन्च किया गया यह फंड मॉर्गन स्टेनली के ग्राहकों के लिए अभी उपलब्ध नहीं था. 

ब्लैक रॉक के अनुसार, नैस्‍डैक में सूचीबद्ध 3.2 अरब डॉलर का इक्विटी फंड डिफेंस पर सरकारी खर्च में बढ़ोतरी से लाभ कमाने वाली कंपनियों में निवेश करता है. रिपोर्ट के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी होल्डिंग्स में प्रमुख डिफेंस कंपनियां आरटीएक्स, लॉकहीड मार्टिन और नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन शामिल हैं, जिनके सबसे बड़े ग्राहकों में अमेरिकी रक्षा विभाग है. 

Advertisement

अभी तक, न तो ब्लैकरॉक और न ही मॉर्गन स्टेनली ने इस मामले पर कोई बयान जारी किया है. 

ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध का खर्च अरब देशों से वसूलेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? व्हाइट हाउस ने दिए संकेत

पेंटागन ने आरोपों को बताया झूठा और मनगढ़ंत 

इस रिपोर्ट के सामने आने के तुरंत बाद पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा कि यह आरोप पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत है. साथ ही कहा कि न तो हेगसेथ और न ही उनके किसी प्रतिनिधि ने ब्लैक रॉक से इस तरह के किसी निवेश के बारे में संपर्क किया. साथ ही उन्होंने इस रिपोर्ट को वापस लेने की मांग की. 

Advertisement

निवेश की कोशिश को लेकर सामने आई यह रिपोर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख नीतिगत निर्णयों से पहले वित्तीय और पूर्वानुमान बाजारों में किए गए लेन-देन की व्यापक जांच के बीच आई है. कुछ विशेषज्ञों ने यह सवाल उठाया है कि क्या जानकारी किसी तरह समय से पहले लीक हो गई थी. 

अमेरिकी रक्षा प्रमुख ने की युद्ध की वकालत

हेगसेथ ईरान युद्ध के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक हैं, जो अक्सर अमेरिका की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हैं. पिछले सप्ताह, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के फैसले की जिम्मेदारी अपने रक्षा मंत्री पर मढ़ दी थी. 23 मार्च को टेनेसी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि हेगसेथ उनके प्रशासन के पहले वरिष्ठ अधिकारी थे, जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की वकालत की थी. 

कार्यक्रम में हेगसेथ के बगल में बैठे थे. इस दौरान ट्रंप ने उन्‍हें लेकर कहा कि मुझे लगता है कि आप पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने खुलकर आवाज उठाई और कहा कि चलो ऐसा करते हैं क्योंकि हम उन्हें परमाणु हथियार रखने नहीं दे सकते. 

Featured Video Of The Day
Amit Shah Lok Sabha Speech: संसद में बड़ा ऐलान, अमित शाह की शपथ 'नक्सल मुक्त भारत' | NDTV India
Topics mentioned in this article