- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में सभ्यतागत विनाश और पावर प्लांट-पुलों पर भीषण हमले की धमकी दी है
- कई डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप की धमकियों को मानसिक अस्थिरता और युद्ध अपराध के दायरे में बताया है
- ट्रंप समर्थक रही रिपब्लिकन नेता मार्जोरी टेलर ग्रीन ने भी ट्रंप की हरकतों को "पागलपन" करार दिया है
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब एक नाजुक मोड़ पर पहुंच चुकी है. एक तरफ युद्ध रुकवाने के लिए कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों ने खुद अमेरिका में ही तूफान खड़ा कर दिया है. ईरान में ऊर्जा संयंत्रों व पुलों को निशाना बनाने और उसके 'सभ्यतागत विनाश' की धमकियों पर न सिर्फ उनके धुर विरोधी बल्कि कई पूर्व सहयोगी और उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेता भी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांग
कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप की धमकियों को "मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की सनक" करार देते हुए कहा कि वो "युद्ध अपराध" करने की तरफ बढ़ रहे हैं. ट्रंप की करीबी और रिपब्लिकन पार्टी नेता ने भी ट्रंप की जिद को "पागलपन" और अमेरिका के लिए घातक बताया है. कई अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने भी नाराजगी जताई है. राजनीतिक गलियारों में महाभियोग लाकर ट्रंप को हटाने की मांग भी गूंज रही है.
ट्रंप ने ईरान को क्या धमकी दी है?
ट्रंप ने मंगलवार को ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में ईरान के सभ्यतागत विनाश की धमकी दी है. कहा कि उसे ऐसी हालत में पहुंचा देंगे, जहां से वो फिर खड़ा नहीं हो पाएगा. लंबी पोस्ट में उन्होंने कहा कि 47 साल से चल रही अवैध वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का खेल आज की रात आखिरकार खत्म होने वाला है. इससे पहले ट्रंप ने खुलेआम अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान में नरक मचाने की धमकी दी थी और कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो ईरान के पावर प्लांट, पुल को एक झटके में तबाह कर दिया जाएगा. ईरान के लोगो नरक में रहने को तैयार हो जाओ.
देखें- ‘जंग तुमने शुरू की तो खत्म नहीं कर पाओगे', ट्रंप की धमकी पर ईरान का तीखा पलटवार
ट्रंप आउट ऑफ कंट्रोलः क्रिस मर्फी
ट्रंप की इस धमकी पर कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सांसद क्रिस मर्फी ने कहा कि अपनी जिद को पूरा करने और एक देश को घुटनों पर लाने के लिए 9 करोड़ लोगों की एक पूरी सभ्यता को खत्म करने की धमकी देना नैतिक रूप से बिल्कुल गलत है. उन्होंने एक के बाद एक पोस्ट में लिखा कि ट्रंप का ईरान युद्ध अमेरिका के लिए विपदा से कम नहीं हैं. ट्रंप सोच रहे हैं कि बेगुनाह ईरानियों को गृह युद्ध की आग में झोंककर वह होर्मुज स्ट्रेट खुलवा लेंगे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं है कि उनका ये कदम एक वैश्विक विपदा साबित हो सकता है. ट्रंप आउट ऑफ कंट्रोल हो चुके हैं.
ट्रंप पागल हो चुके हैंः पूर्व रिपब्लिकन सांसद
गौर करने की बात यह है कि ट्रंप की कट्टर समर्थक रही पूर्व सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने भी राष्ट्रपति की हरकतों को "पागलपन" बताते हुए 25वें संशोधन के जरिए महाभियोग का समर्थन किया है. रिपब्लिकन पार्टी की नेता मार्जेरी ने सोशल पोस्ट में ट्रंप के लिए लिखा कि वह पागल हो चुके हैं और इसका खामियाजा उनकी सरकार में काम करने वाले सभी लोग भुगत रहे हैं. मैं ईरान का बचाव नहीं कर रही हूं लेकिन होर्मुज स्ट्रेट उसने तभी बंद किया था, जब अमेरिका-इजरायल ने उस पर बिना वजह हमले किए. वह दशकों से यह झूठ बोल रहे हैं कि ईरान किसी भी वक्त परमाणु हथियार बना सकता है, लेकिन सभी जानते हैं कि परमाणु हथियार किसके पास हैं. उनका इशारा इजरायल की तरफ था.
ट्रंप की हरकतें युद्ध अपराधः चक शूमर
सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के सबसे बड़े नेता चक शूमर ने राष्ट्रपति ट्रंप आड़े हाथ लेते हुए लिखा कि जब पूरा अमेरिका ईस्टर मना रहा है, तब देश का राष्ट्रपति सोशल मीडिया पर "बेकाबू पागल" की तरह चिल्ला रहा है. उन्होंने आगाह किया कि ट्रंप जो करने की धमकी दे रहे हैं, वो युद्ध अपराध के दायरे में आते हैं. ऐसा करके वो हमारे सहयोगियों को हमसे दूर कर रहे हैं. उनका कहना था कि ट्रंप ऐसे ही हैं, लेकिन हम ऐसे नहीं हैं. हमारा देश इससे कहीं बेहतर का हकदार है.
इस सनकी को तुरंत हटाएंः इल्हान उमर
ट्रंप की धमकी पर मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर ने ट्रंप को "सनकी पागल" करार देते हुए राष्ट्रपति पद से हटाने की मांग की. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ये सब अब बर्दाश्त के बाहर है, अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करके महाभियोग चलाया जाए और इस 'सनकी व्यक्ति" को तुरंत राष्ट्रपति पद से बेदखल किया जाए.
खतरनाक, मानसिक असंतुलनः बर्नी सैंडर्स
वर्मोंट से निर्दलीय सांसद बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप के इन धमकी भरे बयानों को एक "खतरनाक और मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति की बड़बड़ाहट" करार दिया और कहा कि कांग्रेस (संसद) को अब आगे आना ही होगा. एरिजोना से डेमोक्रेट सांसद मार्क केली का कहना था कि पावर प्लांट और असैन्य ढांचों पर हमला किया गया तो ये युद्ध अपराध से कम नहीं होगा. अगर ऐसे आदेश पारित किए गए तो ये अमेरिकी सेना और देश की छवि पर एक काला धब्बा होंगे.
अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफः जेफ मर्कले
ओरेगन से डेमोक्रेटिक सांसद जेफ मर्कले ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रंप की धमकी एक हताश और अनैतिक पागल इंसान के कहे गए शब्द हैं. कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और 'युद्ध अपराध' के दायरे में आते हैं. अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को भी ऐसे अवैध आदेशों को मानने से इनकार करके युद्ध अपराध का हिस्सा बनने से मना कर देना चाहिए.
"विक्षिप्त" हो चुके हैं ट्रंपः यास्मीन अंसारी
डेमोक्रेटिक सांसद यास्मीन अंसारी ने भी ट्रंप को "विक्षिप्त" करार दिया और याद दिलाया कि अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन (राष्ट्रपति को पद से हटाने वाला) किसी खास वजह से ही लाया गया है. उनका साफ इशारा था कि ट्रंप की मौजूदा मानसिक स्थिति को देखते हुए इस कानून के इस्तेमाल का वक्त आ गया है.
...तो मैं सपोर्ट नहीं करूंगाः Rep सांसद कर्टिस
यूटाह से रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने हाल ही में एक लेख में लिखा था कि अमेरिकी संविधान में राष्ट्रपति को मनमानी करने से रोकने के प्रावधान हैं. अमेरिकी लोगों और देश के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति द्वारा उठाए गए कदमों का मैं समर्थन करता हूं, लेकिन अगर कांग्रेस की सहमति के बिना ये युद्ध 60 दिनों से ज्यादा खिंचता है तो मैं समर्थन नहीं करूंगा.
ईरान कोई खतरा नहीं थाः डॉन बेकैन
नेब्रास्का से रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकैन ने भी कहा कि मुझे नहीं लगता कि ईरान 47 साल से कोई खतरा रहा है और उसने हजारों अमेरिकियों की जान ली है. उनका कहना था कि अगर ये संघर्ष 60 दिनों से लंबा खिचा तो मैं इसके खिलाफ प्रस्ताव पर वोट करने पर विचार करूंगा.













