कोरोना महामारी की वजह से चीन दुनियाभर में अक्सर सुर्खियां बटोरता रहता है. खासकर जीरो कोविड पॉलिसी की तो आए दिन चर्चा होती ही रहती है. दरअसल चीन देशभर में कोरोना पर काबू पाने के लिए बेहद कड़ी पाबंदियां लागू की है. जिस वजह से वहां रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है. इसलिए चीन की कोविड पॉलिसी की जमकर आलोचना भी होती रहती है. इस बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'जीरो कोविड नीति' के खिलाफ आवाज उठाने वालों के लिए सबसे कड़ी चेतावनी जारी की है.
इस वक्त चीन के कई शहरों में बेहद सख्त लॉकडाउन लगाए जाने से जनता में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है. चीन के कई शहरों में जोरदार प्रदर्शन भी हुए हैं. ऐसे में चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में शी जिनपिंग ने जीरो कोविड नीति को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया. साथ ही तय किया कि अगर कोई भी देश की महामारी को रोकने वाली नीतियों के खिलाफ संदेह करता है या उन्हें नहीं मानता है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
चीन के शंघाई शहर में कोरोना लॉकडाउन के बाद जनता में भड़के गुस्से के बाद पहली बार शी जिनपिंग ने इस मुद्दे पर बयान दिया है. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सात सदस्यीय समिति ने कहा कि हमारी बचाव और नियंत्रण की नीति पार्टी की प्रकृति और मिशन से निर्धारित होती है. हमारी नीतियां इतिहास की परीक्षा में खड़ी रह सकती हैं. हमारे कदम वैज्ञानिक और प्रभावी हैं.' हमने वुहान को बचाने की जंग को जीता है और हम निश्चित रूप से शंघाई को जीतने की जंग को जीत कर दिखाएंगे.'
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सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई के कई निवासियों ने पिछले पांच हफ्तों में भोजन की गंभीर कमी और चिकित्सा देखभाल में कमी के खिलाफ अपना गुस्सा निकालने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है. जिसके बाद चिनपिंग की तरफ से ये चेतावनी जारी की गई. विशेषज्ञों के हवाले से ये भी कहा कि शी जिनपिंग की यह चेतावनी यह दर्शाती है कि कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर ही चीनी जीरो कोविड नीति को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं.
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