यूक्रेन-रूस शांति समझौता ‘पहले से ज्यादा करीब’, ट्रंप ने जेलेंस्की की बर्लिन वार्ता के बीच किया ये बड़ा दावा

रूस और यूक्रेन ज़ापोरिज़्झिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के भविष्य को लेकर किसी समझौते के करीब पहुंचते दिख रहे हैं. व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी. यह मुद्दा बर्लिन में चल रही उन विस्तृत चर्चाओं का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य व्यापक शांति वार्ता के तहत संयंत्र के संचालन को बहाल करना है.

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  • ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने का शांति समझौता पहले से ज्यादा करीब है
  • ट्रंप ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ हाल की बातचीत ने शांति की उम्मीदों को बढ़ाया
  • ट्रंप ने ये भी स्वीकार किया कि रूस और यूक्रेन को एक ही पेज पर लाना सबसे बड़ी चुनौती है
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वॉशिंगटन:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच चार साल से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौता “पहले से ज्यादा करीब” है. उनका यह बयान बर्लिन में यूरोपीय नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद आया है. व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका को यूरोपीय देशों से “बेहद मजबूत समर्थन” मिल रहा है. इनमें जर्मनी, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन, पोलैंड, नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड और नीदरलैंड शामिल हैं.

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हम बहुत सारी जानें बचाना चाहते हैं...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम इसे पूरा करने जा रहे हैं. मुझे लगता है कि हम अब पहले से ज्यादा करीब हैं. हम बहुत सारी जानें बचाना चाहते हैं. ट्रंप ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ कई बातचीत हुई है और इनसे उम्मीद बढ़ी है. उन्होंने कहा,  “हम करीब पहुंच रहे हैं और हमें यूरोपीय नेताओं से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, जो चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो.”

जंग खत्म करने में कहां रुकावट

हालांकि इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि रूस और यूक्रेन को एक ही पेज पर लाना सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि इस समय रूस इसे खत्म करना चाहता है, लेकिन समस्या यह है कि कभी वे तैयार होते हैं और कभी नहीं. यूक्रेन भी कभी तैयार होता है और कभी नहीं. हमें दोनों को एक ही पेज पर लाना होगा.

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बर्लिन में हुई अहम वार्ता

ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बर्लिन में अमेरिकी, यूरोपीय और नाटो नेताओं ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ घंटों लंबी बैठक की. इन चर्चाओं का मकसद युद्ध खत्म करने के लिए एक ठोस समाधान खोजना था. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय नेता यूक्रेन को पश्चिमी सुरक्षा गारंटी देने पर सहमत हुए हैं. हालांकि, क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर मतभेद अब भी सबसे बड़ी बाधा है. जेलेंस्की पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यूक्रेन नाटो सदस्यता की महत्वाकांक्षा छोड़ने को तैयार है, बशर्ते उसे ठोस सुरक्षा आश्वासन मिले. यह रुख वार्ता में एक अहम मोड़ माना जा रहा है.

जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण

तमाम कूटनीतिक प्रयासों के बीच युद्ध का मैदान अब भी सक्रिय है. यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि रूस ने रातभर में 153 ड्रोन दागे, जिनमें से 17 अपने लक्ष्य तक पहुंचे. वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी सेना ने 130 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए. यह घटनाक्रम बताता है कि शांति वार्ता के बावजूद संघर्ष पूरी तरह थमा नहीं है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ती कोशिशों से उम्मीद की किरण जरूर दिखाई दे रही है. लेकिन, रूस और यूक्रेन के बीच शर्तों और समय को लेकर सहमति बनाना अब भी बड़ी चुनौती है.

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