- प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शपथ ग्रहण के बाद 24 घंटे में पूर्व पीएम केपी ओली-पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक पर ऐक्शन
- केपी ओली और रमेश लेखक को जेन जी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है
- केपी ओली ने गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है
नेपाल में नए प्रधानमंत्री बने बालेन शाह ने पहले दिन ही अपने तेवर जाहिर कर दिए हैं. शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के पूर्व पीएम केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक पर ऐक्शन लिया है. दोनों शीर्ष नेताओं को जेन जी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. केपी ओली इसे बदले की कार्रवाई बताकर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है तो वहीं ओली और लेखक को कई धाराओं में दोषी माना गया है.
बालेन शाह को जेन जी का नेता माना जाता है. नेपाल में जिस आंदोलन में लापरवाही के आरोप केपी ओली झेल रहे हैं, उसमें उन्हें 15 साल की जेल भी हो सकती है. आंदोलन की जांच के लिए एक इनक्वायरी कमीशन बनी थी. बालेन शाह सरकार ने आते ही सबसे पहले इस इनक्वायरी कमीशन की रिपोर्ट पर ही एक्शन लेने का आदेश दिया है. बता दें कि आंदोलन इतना बड़ा था कि केपी ओली को 9 सितंबर को अपने पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
जेन जी हिंसा केस में क्या-क्या हुआ?
नेपाल में जेन जी आंदोलन की आंच तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी ओली पर आ गिरी है. पिछले साल जेन जी आंदोलन से भड़की हिंसा के बाद गौरीबहादुर कार्की की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन हुआ जिसने बताया कि 8 सितंबर को प्रदर्शनकारियों की मौत के मामले में ओली और लेखक की लापरवाही और गैर-जिम्मेदारान रवैया देखा गया था. दोनों के खिलाफ मुलुकी आपराधिक संहिता अधिनियम, 2074 (2017) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई थी.आयोग ने इसके अलावा पूर्व पुलिस प्रमुख को भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश देने के लिए जिम्मेदार ठहराया था.
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15 साल की जेल संभव
नेपाल में भड़की हिंसा मे 77 लोगों की मौत हुई थी. आयोग के सामने अपने बयान में ओली ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को जान-माल के नुकसान को कम करने और प्रदर्शन में अवांछित तत्वों की घुसपैठ रोकने के निर्देश दिए गए थे. एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, ओली सरकार को गिराने वाले जेनजी आंदोलन के दौरान 85 अरब नेपाली रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हुई थी.
नेपाल में पिछले वर्ष हुए जेनजी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच के लिए गठित एक उच्च-स्तरीय जांच आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग के खिलाफ आपराधिक जांच और मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी. अब इस कमीशन पर पीएम बालेन शाह ने ऐक्शन लिया है और ओली और लेखक को 15 साल की जेल हो सकती है.
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