World News: हॉलीवुड फिल्मों के मशहूर जासूस जेसन बॉर्न (Jason Bourne) की कहानियां तो आपने बहुत देखी होंगी, लेकिन क्या हो अगर ऐसी ही कोई खौफनाक कहानी असल जिंदगी में घटी हो? 'द सन' की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, 56 साल के ब्लेरिम स्कोरो (Blerim Skoro) की जिंदगी किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है. सेना से भागने, ड्रग्स की तस्करी करने और फिर अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA का अंडरकवर एजेंट बनकर खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) के सबसे भीतरी घेरे में पैठ बनाने की उनकी कहानी अब अमेज़ॅन प्राइम वीडियो की नई डॉक्यूमेंट्री द एक्सीडेंटल स्पाई (The Accidental Spy) में सामने आई है.
आइए जानते हैं कि कि कैसे एक आम कैदी दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकियों के बीच जा पहुंचा और कैसे उसे वह 'धोखा' मिला, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी.
माफिया का 'ड्रग म्यूल' बनकर जेल में एंट्री
कोसोवो में जन्मे ब्लेरिम 90 के दशक में यूगोस्लाव युद्ध के दौरान सेना में थे. वहां कत्लेआम और महिलाओं पर हुए अत्याचारों को देखकर उनका दिल दहल गया. वह सेना से भाग निकले और फर्जी पासपोर्ट के सहारे 1994 में रिफ्यूजी के तौर पर अमेरिका (न्यूयॉर्क) पहुंच गए. अपने परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने रेस्टोरेंट और पिज्जा डिलीवरी बॉय के तौर पर 18-18 घंटे काम किया. इसी बीच उनकी मुलाकात अल्बानियाई माफिया से हुई, जिसने उन्हें ड्रग्स की तस्करी के लिए भारी रकम (एक बार के 15,000 पाउंड तक) का लालच दिया. ब्लेरिम इस दलदल में उतर गए. साल 2000 में लालच के चक्कर में वह अपनी पत्नी और साली के साथ हेरोइन की तस्करी करते हुए पकड़े गए और उन्हें 7 साल की जेल हो गई.
जेल की खिड़की से देखा था 9/11 का वो मंजर
ब्रुकलिन की जेल में उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई. वहां उनकी मुलाकात अल-कायदा के एक आतंकी मोख्तार हवारी (Mokhtar Haouari) से हुई. जब 11 सितंबर (9/11) को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ, तो ब्लेरिम ने जेल की खिड़की से उस खौफनाक मंजर को देखा. उनके पास खड़ा आतंकी हवारी उस वक्त खुशी से उछल रहा था और ओसामा बिन लादेन के नारे लगा रहा था. बच्चों की मौत पर जश्न मनाते आतंकी को देखकर ब्लेरिम का खून खौल उठा. उन्होंने FBI और CIA को खुफिया जानकारी देना शुरू कर दिया.
अल-कायदा में एंट्री और हथियारों का जखीरा
CIA ने वादा किया था कि वे ब्लेरिम को डिपोर्ट नहीं करेंगे, लेकिन सजा पूरी होने के बाद 2007 में उन्हें कोसोवो वापस भेज दिया गया. ब्लेरिम गुस्से में थे, लेकिन अमेरिका में बैठे अपने परिवार से दोबारा मिलने की शर्त पर वह CIA के लिए 'फील्ड एजेंट' बनने को तैयार हो गए. महीने के 1,400 डॉलर (करीब 1 हजार पाउंड) के वेतन पर वह मिडिल ईस्ट के कई देशों में घूमे. अल-कायदा ने उनके सैन्य और माफिया बैकग्राउंड को देखते हुए उन्हें बाल्कन देशों में टेरर ट्रेनिंग कैंप स्थापित करने का जिम्मा सौंपा.
अल-कायदा के भीतर उनके चौंकाने वाले काम
पाकिस्तान के एक ट्रेनिंग कैंप में उनकी मुलाकात अल-कायदा के दूसरे सबसे बड़े नेता 'अबू मुहम्मद अल-मसरी' से हुई, जिस पर FBI ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था. ब्लेरिम ने आतंकियों के लिए एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल, रॉकेट लॉन्चर, AK-47 और C4 विस्फोटकों से भरे चार बड़े बेडरूम खाली किए. इन हथियारों की कीमत CIA ने चुकाई (करीब $200,000) ताकि इन्हें आतंकियों के हाथों में जाने से पहले ही नष्ट किया जा सके. सबसे खौफनाक बात यह थी कि ब्लेरिम यूरेनियम इंपोर्ट करके एक परमाणु हथियार बनाने की बातचीत का भी हिस्सा थे.
जब CIA ने दिया 'सबसे बड़ा धोखा'
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन साल 2010 में ब्लेरिम के फोन पर एक मैसेज आया- 'हम जानते हैं कि तुम क्या कर रहे हो. मुर्दा इंसान!!! तीन महीने बाद, जब ब्लेरिम अपने हैंडलर से मिलने एक CIA 'सेफहाउस' में पहुंचे, तो वहां दो हत्यारे उनका इंतजार कर रहे थे. उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं. एक गोली उनकी बाईं टांग में लगी. जब बंदूक जाम हो गई, तो ब्लेरिम ने मरने का नाटक किया और हत्यारे वहां से चले गए. इसके बाद जो हुआ, उसने ब्लेरिम को अंदर तक तोड़ दिया.
ब्लेरिम कहते हैं, 'यह मेरे सिर में दूसरी गोली लगने जैसा था. जिन लोगों की सुरक्षा के लिए मैंने काम किया, उन्होंने मुझे एक कुत्ते की तरह धोखा दिया और छोड़ दिया.'
आज कहां हैं ब्लेरिम?
इस जानलेवा धोखे के बाद भी ब्लेरिम हार नहीं माने. वह क्यूबा और फ्रांस होते हुए फर्जी पासपोर्ट पर कनाडा पहुंचे और बाद में अवैध रूप से अमेरिका में घुस गए. 2016 में पकड़े जाने के बाद 6 साल तक उन्होंने इमिग्रेशन की कानूनी लड़ाई लड़ी. CIA ने उनकी कोई मदद नहीं की, लेकिन ब्लेरिम ने जो नोट्स, मैसेज, फोटो और वीडियो के सबूत इतने सालों तक सहेज कर रखे थे, उसी ने उन्हें बचा लिया. संयुक्त राष्ट्र (UN) के 'कन्वेंशन अगेंस्ट टॉर्चर' के तहत उन्हें अमेरिका में रुकने की इजाजत मिल गई.
टैक्सी चला रहा 'जासूस'
मौत को करीब से देखने वाले ब्लेरिम आज न्यूयॉर्क शहर में एक टैक्सी चलाते हैं. उनकी टैक्सी में बैठने वाली सवारियों को अंदाजा भी नहीं होता कि कार चलाने वाला इंसान कभी ओसामा बिन लादेन के सबसे खास करीबियों के साथ बैठकर दुनिया तबाह करने वाले हथियारों की सौदेबाजी कर रहा था.
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