- कराची की एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को खंडित किया गया है.
- पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने घटना की निंदा की और सरकार से कार्रवाई की मांग की.
- शिव कच्छी के अनुसार यह घटना पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत और धार्मिक सद्भाव पर हमला है.
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का सामने आया है. यहां पर एक ऐतिहासिक इमारत में स्थापित भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित कर दिया गया है. इस घटना को लेकर पाकिस्तान के एक प्रमुख हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता ने कड़ा विरोध जताया है और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
कराची की एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित किया गया. पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने कहा कि कराची में ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में मूर्तियों को खंडित करना बेहद निंदनीय है.
कच्छी ने की मूर्ति खंडित करने की निंदा
शिव कच्छी ने हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों को खंडित करने की घटना पर कहा कि हम इस शर्मनाक कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. साथ ही कच्छी ने बताया कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह केवल एक ढांचे को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर हमला है.
हिंदू समुदाय को गहरा आघात पहुंचा: कच्छी
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को इस घटना की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि इस कृत्य से हिंदू समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है.
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि दोषियों को बिना विलंब किए गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए. साथ ही कहा कि इस ऐतिहासिक इमारत का तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित इस इमारत में हिंदू समुदाय की बहुमूल्य मूर्तियां और अन्य धार्मिक प्रतीक रखे हुए हैं.














