ब्रिटिश राजपरिवार के पूर्व सदस्य और एपस्टीन कांड में घिरे अपने छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर की गिरफ्तारी पर किंग चार्ल्स ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने गिरफ्तारी पर "गहरी चिंता" तो जताई, लेकिन साफ कर दिया कि कानून अपना काम करेगा और किसी को भी विशेष रियायत नहीं मिलेगी.
बर्थडे मनाते वक्त हुई गिरफ्तारी
एंड्रयू माउंटबेटन को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उनकी गिरफ्तारी उस वक्त हुई, जब एंड्रयू अपना 66वां जन्मदिन मना रहे थे. एंड्रयू की गिरफ्तारी एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने के बाद हुई है. बीते कुछ समय में उनकी ऐसी तस्वीरें भी आई थीं, जिन्होंने आरोपों को और संगीन बना दिया था.
किंग चार्ल्स ने क्या कहा है?
बकिंघम पैलेस की तरफ से जारी एक बयान में किंग चार्ल्स ने कहा कि वह एंड्रयू के ऊपर लगे सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के आरोपों और उनकी गिरफ्तारी की खबर से बेहद चिंतित हैं. उन्होंने साफ कहा कि शाही परिवार इस जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच के लिए वह हरसंभव मदद को तैयार हैं.
किंग चार्ल्स के रुख से साफ हो गया है कि वह अपने भाई के मामले में राजशाही के प्रभाव का इस्तेमाल नहीं करेंगे. चार्ल्स ने जनता को भरोसा दिलाया है कि इस निजी संकट के बावजूद वह और उनका परिवार अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे.
शाही उपाधि पहले ही छिन चुकीं
गौरतलब है कि एंड्रयू से उनकी शाही उपाधियां पहले ही छीनी जा चुकी हैं. वह एक आम नागरिक के तौर पर कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं. पिछले साल कई हफ्तों तक चली लंबी जांच के बाद एंड्रयू से राजकुमार की उपाधि वापस ले ली गई थी. उन्हें अपना रॉयल लॉज पैलेस भी छोड़ना पड़ा था. एंड्रयू पिछले कुछ समय से बाहरी दुनिया से कटे हुए थे और घर से बहुत कम निकलते थे.
ब्रिटिश पीएम ने भी दिए थे संकेत
इससे पहले, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी साफ शब्दों में कहा था कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि था कि एपस्टीन मामले में चाहे एंड्रयू हों या कोई और, जिसके पास भी कोई सूचना है, उसे संबंधित अधिकारियों के पास जाकर अपनी बात कहनी चाहिए.














