रविवार से फिर कटघरे में होंगे इजरायली PM नेतन्याहू, भ्रष्टाचार के मामले में शुरू होगा नियमित ट्रायल

नेतन्याहू का मुकदमा अन्य गैर-जरूरी आपराधिक और दीवानी मामलों के साथ नियमित अदालती कार्यवाही में वापस लौट रहा है. यह मामला भ्रष्टाचार के लंबे समय से चल रहे मुकदमे (केस 1000, 2000 और 4000) में चल रही जिरह के फेज से फिर से शुरू होगा.

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  • इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आपराधिक मुकदमे की सुनवाई युद्ध के बाद फिर से शुरू हो रही है
  • 28 फरवरी को लागू आपातकालीन प्रतिबंध हटने के बाद न्यायिक प्रक्रिया सामान्य हुई है
  • मुकदमे में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप शामिल हैं, जिसमें केस 4000 सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है
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तेल अवीव:

ईरान के साथ जारी संघर्ष के मद्देनजर न्यायपालिका पर लगाए गए आपातकालीन प्रतिबंधों के कारण हफ्तों तक स्थगित रहे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आपराधिक मुकदमे की सुनवाई रविवार को फिर से शुरू होने वाली है. जेरूसलम पोस्ट ने एक आधिकारिक अदालती नोटिस का हवाला देते हुए बताया कि सुनवाई सुबह 9:30 बजे (स्थानीय समय) जेरूसलम जिला न्यायालय में होगी और इसमें बचाव पक्ष के गवाह की गवाही शामिल होगी.

नोटिस में कहा गया है कि आपातकालीन उपायों को हटाए जाने के साथ ही इजरायल की न्यायिक प्रणाली सामान्य रूप से काम करने लगी है. नियमित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार को सुनवाई जेरूसलम में होगी, जबकि सोमवार से बुधवार तक की सुनवाई तेल अवीव जिला न्यायालय में होगी.

कार्यवाही का निलंबन 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद इजरायल के न्याय मंत्रालय द्वारा लागू किए गए व्यापक प्रतिबंधों का हिस्सा था. इस अवधि के दौरान, अदालतों ने "विशेष आपातकालीन" प्रारूप के तहत काम किया, जिसमें केवल जरूरी मामलों की सुनवाई की अनुमति थी. इस व्यवस्था को कई बार बढ़ाया गया था.

आपातकालीन फ्रेम वर्क हटाए जाने के बाद, नेतन्याहू का मुकदमा अन्य गैर-जरूरी आपराधिक और दीवानी मामलों के साथ नियमित अदालती कार्यवाही में वापस लौट रहा है. यह मामला भ्रष्टाचार के लंबे समय से चल रहे मुकदमे (केस 1000, 2000 और 4000) में चल रही जिरह के फेज से फिर से शुरू होगा.

बेंजामिन नेतन्याहू पर 2019 में आरोप लगाए गए थे, हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है. उन्होंने दिसंबर 2024 में गवाही देना शुरू किया और आपराधिक आरोपी के रूप में गवाही देने वाले पहले इजरायली प्रधानमंत्री बने. बचाव पक्ष द्वारा महीनों तक चली सीधी पूछताछ के बाद, अभियोजकों ने जून 2025 में जिरह शुरू की.

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जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यवाही में रुकावट से पहले, मुख्य रूप से केस 4000 पर ध्यान केंद्रित किया गया था, जिसे 'बेजेक वाला' मामले के नाम से भी जाना जाता है, जिसे तीनों मामलों में सबसे गंभीर माना जाता है, क्योंकि इसमें रिश्वतखोरी के आरोप शामिल हैं.

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विराम से पहले हुई अंतिम सुनवाई के दौरान, अभियोजकों ने 'बेज़ेक-यस' विलय से संबंधित मुद्दों, व्यवसायी शाऊल एलोविच के साथ उनके संबंधों और इजरायली संचार मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक श्लोमो फिलबर के साथ कथित "निर्देशात्मक बैठक" के बारे में नेतन्याहू से पूछताछ की.

सुनवाई की फिर से शुरुआत मुकदमे की निरंतरता है, न कि एक नए चरण की शुरुआत, जिससे इज़रायल की सबसे चर्चित कानूनी कार्यवाही में से एक फिर से चर्चा में आ गई है. इसे राजनीतिक घटनाक्रमों और चल रहे संघर्षों के कारण बार-बार विलंब का सामना करना पड़ा है.

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