गाजा के बाद लेबनान में भी इजरायल ने खींची 'येलो लाइन', जानिए क्या है यह 'बफर जोन'

गाजा के बाद अब इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में 'येलो लाइन' स्थापित करने का जिक्र किया है. हालांकि शनिवार को इजरायल की सेना ने पहली बार इसका जिक्र किया है. यह एक तरह का बफर जोन होता है.

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लेबनान में जगह-जगह इजरायली हमलों की तबाही के मंजर दिख रहे हैं.
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  • इजरायल ने गाजा के बाद दक्षिणी लेबनान में भी येलो लाइन खींचकर सुरक्षा और नियंत्रण की नई सीमा स्थापित की है.
  • येलो लाइन के माध्यम से इजरायली सेना हिज्बुल्लाह के लड़ाकों को अपने कब्जे वाले इलाकों से दूर रखेगी.
  • इस सीमा की निगरानी के लिए इजरायल हाई-टेक कैमरे, मोशन सेंसर्स, ड्रोन और स्मार्ट फेंस का उपयोग करता है.
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Israel Yellow Line: इजरायल ने गाजा के बाद अब लेबनान में भी 'येलो लाइन' खींच दी है. शनिवार को इजरायल की सेना IDF ने पहली बार 'येलो लाइन' स्थापित किए जाने के बारे में जानकारी दी. इजरायल की सेना ने कहा, "पिछले 24 घंटों में दक्षिणी लेबनान में येलो लाइन के दक्षिण में तैनात IDF सेनाओं ने ऐसे आतंकवादियों की पहचान की, जिन्होंने संघर्ष-विराम समझौतों का उल्लंघन किया और येलो लाइन के उत्तर से सेनाओं की ओर इस तरह से बढ़े जिससे तत्काल खतरा पैदा हो गया था."

दक्षिणी लेबनान में इजरायल द्वारा स्थापित की गई येलो लाइन का मकसद हिज्बुल्लाह को अपने कब्जे वाले इलाकों से दूर रखना है. इसी तरह की येलो लाइन इजरायल ने गाजा में बनाई है, वहां हमास पर नियंत्रण इसका मकसद था. 

लेकिन जंग और दोनों ओर से हो रहे ताबड़तोड़ हमलों के बीच इजरायल यह लाइन कैसे तय करता है, इस पर कैसे नियंत्रण करता है, आइए जानते हैं...

इजरायल की येलो लाइन क्या है? 

इजरायल की येलो लाइन का पहला उदाहरण गाजा से सामने आया. जहां अक्टूबर 2025 में युद्धविराम समझौते के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में एक नई परिचालन और सुरक्षा सीमा तय की. यह रेखा कंक्रीट के पीले ब्लॉकों द्वारा चिह्नित है, जो गाजा के लगभग 50% से अधिक हिस्से (पूर्वी भाग और कृषि भूमि) पर इजरायली सैन्य नियंत्रण को दर्शाती है और इसे प्रभावी ढंग से एक नया बफर ज़ोन बना दिया गया है.

अब लेबनान में भी इजरायल ने येलो लाइन बनाई 

गाजा के बाद अब इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में पीली रेखा बनाने स्थापित करने का जिक्र किया है. हालांकि शनिवार को इजरायल की सेना ने पहली बार इसका जिक्र किया है. साथ ही आधिकारिक रूप से इस पर बहुत कुछ जानकारी अभी सामने नहीं आई है. ऐसे में दक्षिणी लेबनान में इजरायल ने कहां तक बफर जोन बनाया है, यह स्पष्ट नहीं है. 

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इजरायल येलो लाइन पर कैसे काम करता है?

इजरायल के लिए यह लाइन सुरक्षा के नजरिए से बहुत संवेदनशील है. इजरायल इस पर कई तरीकों से काम करता है.

सैन्य निगरानी और गश्त

इजरायली रक्षा बल (IDF) इस पूरी लाइन पर 24 घंटे निगरानी रखते हैं. यहाँ हाई-टेक कैमरों, मोशन सेंसर्स और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी घुसपैठ को रोका जा सके.

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बाड़ और दीवार (The Barrier)

इजरायल ने इस लाइन के कई हिस्सों में कंक्रीट की ऊंची दीवारें और स्मार्ट फेंस (Smart Fence) बनाई है. इसका मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह के लड़ाकों को इजरायली गांवों में घुसने से रोकना है.

हिजबुल्लाह के लड़ाकों को रोकने की कोशिश

शनिवार को इजरायली सेना ने पहली बार 'येलो लाइन' का जिक्र करते हुए दावा किया कि हिजबुल्लाह के लड़ाके उत्तर दिशा से इस लाइन के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के सीजफायर का ऐलान किया था उसमें किसी भी 'येलो लाइन' का कोई उल्लेख नहीं था, जो इसी सप्ताह लागू हुआ है.

नेतन्याहू ने 10 किमी के बफर जोन की बात की थी

इधर लेबनान के साथ सीजफायर की घोषणा के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा. माना जा रहा है कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में इसी 10 किलोमीटर का बफर जोन येलो लाइन के रूप में तय किया हो. 

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