- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे
- ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना दो से तीन हफ्तों में ईरान पर अपना सैन्य अभियान समाप्त कर सकती है
- ट्रंप प्रशासन ईरान में अमेरिकी सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है, जो यूरेनियम सुरक्षित करने की कोशिश करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार रात देश को संबोधित करेंगे. भारतीय समयानुसार ये भाषण सुबह करीब साढ़े 6 बजे होगा. माना जा रहा है कि ट्रंप ईरान के साथ चल रही जंग पर अहम जानकारी दे सकते हैं. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सेना दो से तीन हफ्तों में ईरान पर अपना हमला खत्म कर सकती है.
यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है. हाल के दिनों में इस संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच नाराजगी भी बढ़ती दिख रही है.
ईरान में सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा अमेरिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के भीतर अमेरिकी सैनिकों को भेजने पर विचार कर रहा है. इस मिशन के जरिए अमेरिका ईरान में मौजूद यूरेनियम को सुरक्षित कर सकता है.बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन कुछ दिनों तक चल सकता है और इसमें स्पेशल ट्रेंड कमांडो बल शामिल होंगे, जिन्हें रेडियोएक्टिव सामग्री निकालने की जिम्मेदारी दी जाएगी. हालांकि, ऐसा मिशन अमेरिकी सैनिकों को ईरान की सीमा के अंदर गहराई तक ले जाएगा, जहां उन्हें ईरानी शॉर्ट-रेंज मिसाइलों और ड्रोन हमलों का खतरा बना रहेगा.
इस बीच सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के एक शहर पर हमला किया, जहां देश की प्रमुख परमाणु फैसिलिटी में से एक स्थित है. इस्फहान परमाणु ऊर्जा केंद्र को पहले भी जून में अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स और एक पनडुब्बी द्वारा निशाना बनाया जा चुका है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान का अधिकांश समृद्ध यूरेनियम इसी केंद्र में रखा गया है.
ईरान ने भी बनाया प्लान
दूसरी ओर, तेहरान ने कूटनीतिक स्तर पर सावधानी भरा रुख अपनाया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने साफ कहा कि पिछले 31 दिनों में अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से बातचीत का प्रस्ताव जरूर आया है, जो पाकिस्तान सहित कुछ मध्यस्थों के जरिए ईरान तक पहुंचा है.
फिलहाल, व्हाइट हाउस ने ट्रंप के संबोधन की पूरी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें इस संघर्ष को लेकर अमेरिका की अगली रणनीति का खुलासा हो सकता है.
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