ईरान से अमेरिकी पायलट की घर वापसी ने दिलाई 'ऑपरेशन ईगल क्लॉ' और 'एंटेबे' जैसे खतरनाक मिशनों की याद

दक्षिण ईरान के धधकते रेगिस्तान और आसमान से बरसती आग के बीच, जब एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान ईरानी हमले का शिकार होकर क्रैश हुआ, तो लगा कि सब खत्म हो गया. एक पायलट को तुरंत निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा दुश्मन की सरजमीं पर अकेला रह गया. इसके बाद शुरू हुआ 48 घंटों का वो सांसें रोक देने वाला 'रेस्क्यू मिशन', जिसने मौत को मात देकर इतिहास के सबसे दुस्साहसी सैन्य ऑपरेशनों की याद ताजा कर दी.

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  • अमेरिका ने ईरान में अपने क्रैश हुए F- 15 पायलट को बचाने के लिए गुप्त और खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
  • इस मिशन में सीआईए और नेवी सील की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसने कठिन परिस्थितियों में सफलता हासिल की.
  • 1976 के ऑपरेशन थंडरबोल्ट और 2000 के ऑपरेशन बर्रास जैसे सफल रेस्क्यू मिशन इतिहास में यादगार बने हैं.
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण जंग के दौरान जिस तरह अमेरिका ने ईरान के भीतर घुसकर अपने पायलट को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, उसे दुनिया की सबसे खतरनाक कार्रवाइयों में गिना जाएगा. यह ऑपरेशन न सिर्फ अमेरिकी सेना की सटीकता और ताकत को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि ऐसे सैन्य मिशन कितने जोखिम भरे होते हैं.

48 घंटे ऑपरेशन और पायलट की सुरक्षित वापसी

दक्षिण ईरान में ईरानी हमले में अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ 15 ई क्रैश हो जाता है. एक पायलट को उसी समय बचा लिया जाता है और उसके बाद  अमेरिका ने 48 घंटे ऑपरेशन चलाकर अपने पायलट को सुरक्षित बचा लिया . यह मिशन बेहद खतरनाक था. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक तेज और गुप्त स्पेशल फोर्स ऑपरेशन था.  इसमें सीआईए से लेकर नेवी सील ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बहुत मुश्किल हालात में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. ऐसे मिशन हमें इतिहास की याद दिलाते हैं.

1976 में ऑपरेशन थंडरबोल्ट

ऐसे ही 1976 में ऑपरेशन थंडरबोल्ट हुआ था. तब आतंकियों ने एयर फ्रांस का विमान हाईजैक कर लिया था. विमान को युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट ले जाया गया. इजरायली कमांडो ने तेज कार्रवाई की. उन्होंने 103 बंधकों को सुरक्षित बचा लिया. यह ऑपरेशन आज भी सबसे सफल रेस्क्यू मिशन माना जाता है. इस पर फिल्म भी बन चुकी है. वहीं, साल 2000 में ऑपरेशन बर्रास हुआ. यह सिएरा लियोन में हुआ था. ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेस ने बंधकों को छुड़ाया. इसमें हवाई और जमीनी हमले का इस्तेमाल हुआ. यह ऑपरेशन भी पूरी तरह सफल रहा.

सियरालियोन में ऑपरेशन खुखरी

इसी साल भारत ने अफ्रिका के सियरालियोन में ऑपरेशन खुखरी को अंजाम दिया. इसमें 233 भारतीय सैनिकों को बचाया गया. ये सैनिक शांति मिशन पर तैनात थे. भारतीय सेना ने विद्रोहियों के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई  की. यह भारत के सबसे सफल मिशनों में गिना जाता है. लेकिन हर ऑपरेशन सफल नहीं होता.

ऑपरेशन ईगल क्लॉ

ऐसे ही अमेरिका के ऑपरेशन ईगल क्लॉ को याद किया जाता है. यह 1980 में ईरान में बंधक बनाये गये अमेरिकी राजनयिकों को छुड़ाने के लिये अमेरिका लॉन्च किया था. खराब मौसम और गलत प्लानिंग की वजह से एक हैलीकॉप्टर और एक ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. 8 सैनिकों की मौत भी हो गई.

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सोमालिया में ऑपरेशन गोथिक सर्पेंट

साल 1992 -93 में सोमालिया में ऑपरेशन गोथिक सर्पेंट हुआ. अमेरिकी सेना को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. तब अमेरिका के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर गिरा दिए गए. इसी पर बाद में ब्लैक हॉक डाउन नाम से बहुचर्चित फिल्म भी बनी.  इसके बाद लड़ाई लंबी और खतरनाक हो गई. इस मिशन में 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए और कई सैनिक घायल भी हुए.


ऑपरेशन नेपच्यून स्पियर

अमेरिका का ऑपरेशन नेपच्यून स्पियर को कौन भूल सकता है, जब 2011 में अमेरिकी नेवी सील ने अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के लिए एक गोपनीय अभियान चलाया. ऐसा सैन्य ऑपरेशन जो पाकिस्तान के एबटाबाद में हुआ. लेकिन पाकिस्तान को कानों कान खबर नहीं हुई. वह भी तब ऑपरेशन के दौरान एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत भी आ गई. पाकिस्तान को करीब 10 घंटे बाद पता चला, जब अमेरिका ने ऐलान किया उसने 9/11 के गुनाहगार को मार गिराया.

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