- हिजबुल्लाह ने पहली बार FPV ड्रोन का इस्तेमाल कर इजरायली मर्कवा टैंक को निशाना बनाया और तबाह कर दिया.
- FPV ड्रोन रियल टाइम वीडियो भेजते हैं और ऑपरेटर को टैंक पर सटीक हमला करने में सक्षम बनाते हैं.
- अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में ईरान के खतरों से निपटने के लिए ड्रोन बोट्स का इस्तेमाल शुरू किया है.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच चौंकाने वाली खबरें सामने आई है. लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह ने पहली बार ड्रोन को जरिये इजरायली टैंक को मार गिराया है. अब तक हिजबुल्लाह रॉकेट से हमले किया करता था, लेकिन जंग के बीच उसने अब ड्रोन भी उतार दिया है. दूसरी तरफ जंग में अमेरिका ने भी एक नया हथियार 'ड्रोन बोट्स', मैदान में उतारा है.
हिजबुल्लाह ने पहली बार इजरायली मर्कवा टैंक पर हमला करने के लिए एफपीवी ड्रोन के इस्तेमाल का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे ड्रोन की मदद से हिजबुल्लाह ने इजरायल के उन्नत और ताकतवर टैंक को उड़ा दिया. ईरान के प्रॉक्सी माने जाने वाले हथियारबंद संगठन हिजबुल्लाह का दावा है कि उसने इजरायल के 100 से ज्यादा मर्कवा टैंक को तबाह कर दिया है.
हिजबुल्लाह के ड्रोन में क्या खास है?
अब इस जंग में ड्रोन का इस्तेमाल तो हो रहा है. फिर हिजबुल्लाह के ड्रोन में क्या खास है? इसका जवाब है कि ये FPV ड्रोन हैं. FPV का मतलब है - फर्स्ट पर्सन व्यू यानी "पहली नजर से देखना". FPV ड्रोन एक ऐसा छोटा ड्रोन होता है जो अपने आगे लगे कैमरे से रियल टाइम वीडियो भेजता है. ड्रोन ऑपरेटर उसे जैसे खेल के वीडियो गेम की तरह गॉगल्स या स्क्रीन पर देखता है. जैसे ही ड्रोन टारगेट या लक्ष्य के ऊपर आता है तो वह उसे उड़ा देता है. ये सब ऑपरेटर उस तरह करता है, मानो वो खुद ड्रोन के अंदर बैठा हो. साधारण शब्दों में समझे तो यह कुछ वैसा ही है जैसा मोबाइल गेम PUBG में दिखता है. यह बहुत ही छोटा ड्रोन होता है. कीमत में भी सस्ता होता है. यह मिसाइल, रॉकेट और बड़े ड्रोन की तुलना में बहुत सस्ता होता है. इसका निशाना बिल्कुल सटीक होता है.
हमले के साथ कई और भी काम
खास बात यह है कि ये न सिर्फ हमला, बल्कि और भी कई तरह के काम कर सकता है. यह निगरानी कर सकता है, दुश्मन के इलाके में एयर डिफेंस से बचते हुए कई किलोमीटर तक फ्लाई कर सकता है. काम के साथ ये ड्रोन दाम के लिहाज से भी मुफीद है. इसे बहुत आसानी से बनाया जा सकता है. हिजबुल्लाह के इस नए हथियार से आने वाले दिनों में इजरायल के लिए बहुत ज्यादा मुसीबत बढ़ सकती है.
अमेरिका ने उतारे 'ड्रोन बोट्स'
समंदर और हवा में ईरानी खतरों को देखते हुए अब अमेरिका ने एक नया हथियार उतारा है. ये असल में हथियार नहीं बल्कि एक तरह का रोबोट है. असल में जंग शुरु होते ही ईरानी हमलों की वजह से मिडिल-ईस्ट के अमेरिका के 13 मिलिट्री ठिकाने रहने लायक नहीं बचे हैं. साथ ही अमेरिकी सैनिकों की मौत भी वह अफोर्ड नहीं कर सकता है. इसलिए अमेरिका ने अब ड्रोन बोट्स का इस्तेमाल शुरू किया है. इसे अमेरिकन कंपनी ब्लैक सी ने बनाया है. ये ड्रोन एक 'मानव रहित नाव' है. इसका इस्तेमाल समंदर में ईरान से आ रहे खतरों का पता लगाने के लिए किया जाता है. इसे ग्लोबल ऑटोनोमस रिकोनेनेंस क्राफ्ट यानी GARC कहा जाता है. इसका इस्तेमाल सर्च और कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है. साथ ही इसका इस्तेमाल समुद्री माइंस को क्लियर करने के साथ साथ विस्फोट के लिए भी किया जा सकता है.
कुल मिलाकर यह साफ है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बावजूद जंग का दायरा बढ़ता जा रहा है. अमेरिका कह रहा है कि अब यह लड़ाई अंतिम दौर पर है. हालांकि ईरान घुटने टेकने को तैयार नही है. और तो और जिस हिजबुल्लाह को लेकर इजरायल ने पहले दावा किया था कि उसने हमास की तरह उसे कुचल दिया है, वह जिस तरह से हिजबुल्लाह ने इजरायल के नाक में दम कर रखा है उससे लगता है जंग के नतीजे और भयावह होंगे.














