ये इतिहास का सबसे बड़ा तेल संकट: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी, पाक-बांग्लादेश में हालात बदतर

इसका असर अब दुनिया पर दिखने लगा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने सरकारी खर्च कम करने और ईंधन बचाने के उद्देश्य से कई अस्थायी मितव्ययिता उपायों की घोषणा की है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • IEA ने मध्य पूर्व युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में इतिहास की सबसे बड़ी बाधा होने की चेतावनी दी
  • खाड़ी देशों ने तेल उत्पादन में भारी कटौती की, जिससे तेल की कीमतें सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं
  • पाकिस्तान ने सरकारी खर्च और ईंधन बचाने के लिए सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में पचास प्रतिशत कटौती की
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA)ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि मध्य पूर्व युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में इतिहास का सबसे बड़ा संकट आया है. ईरान खाड़ी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर हमले कर रहा है. इससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं. पेरिस स्थित आईईए ने कहा कि 13 दिनों के संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा उत्पन्न हुई है, जो 1970 के दशक के संकट को भी पार कर गई है.

IEA की तरफ से कहा गया कि जंग के बाद कई खाड़ी देशों ने तेल उत्पादन में भारी कटौती की है. होर्मुज जलडमरूमध्य ब्लॉक होने की वजह से तेल की कीमतों में अब तक 40-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 

युद्ध रुकने के संकेत नहीं

ईरान के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने बुधवार को चेतावनी दी कि उनका देश एक लंबा युद्ध छेड़ सकता है, जो विश्व अर्थव्यवस्था को "तबाह" कर देगा, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान को हार का सामना करना पड़ रहा है. देश में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे अमेरिकी नेता ने यह भी आगाह किया कि सैन्य अभियान "तुरंत" समाप्त नहीं होगा, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना के पास इस्लामी गणराज्य में हमला करने के लिए लक्ष्य कम होते जा रहे हैं. 

पाकिस्तान में कटौती शुरू

13 दिन तक होर्मुज बंद रहने और तेल-गैस उत्पादन में कमी का असर दुनिया भर में दिखने लगा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने सरकारी खर्च कम करने और ईंधन बचाने के उद्देश्य से कई अस्थायी मितव्ययिता उपायों की घोषणा की है. पाकिस्तान के सरकारी रेडियो टेलीविजन ऑफ अफगानिस्तान (आरटीए) ने बताया कि घोषित उपायों में सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में कटौती और सरकारी अधिकारियों के वेतन और भत्तों में अस्थायी कटौती शामिल है.

Advertisement

भारत में भी पेट्रोल पंपों पर लाइन लग रही है. हालांकि कटौती नहीं है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में दो महीने के लिए 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी, जबकि ईंधन बचाने के लिए इसी अवधि के दौरान लगभग 60 प्रतिशत सरकारी वाहन इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे. इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार, संघीय मंत्रिमंडल के सदस्य, मंत्री, सलाहकार और विशेष सहायक दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे, जबकि सांसदों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.

बांग्लादेश का भी हाल बुरा

बांग्लादेश सरकार ने बिजली और ईंधन की बचत के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों को बंद करने का 9 मार्च को ही आदेश जारी कर दिया. शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक कैलेंडर में निर्धारित ईद अल-फितर की छुट्टी समाप्त होने तक ये छुट्टियां जारी रहेंगी. बांग्लादेश के बंगाली दैनिक प्रोथोम आलो ने निर्देश के हवाले से कहा, "वैश्विक संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बिजली और ऊर्जा की बचत करना आवश्यक है. इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी बिजली और ऊर्जा के मामले में जिम्मेदारी से और कुशलता से काम करें."

Advertisement

LPG Shortage: रसोई गैस सिलेंडर की टेंशन दूर! एक्शन मोड में आई सरकार ने तेल-गैस के 5 नए रास्ते खोजे, बड़ी डील की तैयारी

बांग्लादेश ने रविवार से ईंधन राशनिंग भी शुरू कर दी, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं. 17 करोड़ की आबादी वाला यह देश अपनी 95 प्रतिशत तेल और गैस की जरूरतों का आयात करता है. बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) ने अधिकांश वाहनों के लिए ईंधन की बिक्री सीमित कर दी है. आपूर्ति में संभावित व्यवधान की चेतावनी के बाद घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी बढ़ने पर अधिकारियों ने कई प्रकार के वाहनों के लिए ईंधन की खरीद सीमा तय कर दी है. मतलब अब सीमीत मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है.

भारत में सबसे ज्यादा गैस की किल्लत की खबरें आ रही हैं. कई लोग ब्लैक भी करने लगे हैं.

भारत में क्या है स्थिति

गुरुवार को लोकसभा में चर्चा हुई. लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और नैचुरल गैस मंत्री हरदीप पुरी ने इसका जवाब दिया. हरदीप पुरी ने कहा, 'इतिहास में दुनिया ने ऐसा समय पहले कभी नहीं देखा. भारत की क्रूड सप्लाई सुरक्षित है. संकट से पहले भारत का लगभग 45% क्रूड इम्पोर्ट होर्मुज के रास्ते से होता था. प्रधानमंत्री की शानदार डिप्लोमैटिक पहुंच और सद्भावना से भारत ने उतनी मात्रा में क्रूड हासिल कर लिया है, जितना होर्मुज से मिल सकता था.' हालांकि, भारत के कई हिस्सों में गैस की किल्लत की खबरें आ रही हैं. कई लोगों ने ब्लैक भी करना शुरू कर दिया है. अभी तक पेट्रोल-डीजल को लेकर भारत में समस्या नजर नहीं आ रही. हां, पैनिक होकर कुछ लोग वाहनों में ज्यादा तेल भराने लगे हैं. इसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिल रही है.

ये भी पढ़ें-

ईरान के एक परमाणु ठिकाने पर इजरायल ने किया अटैक, IDF ने किया दावा

ईरान-इजरायल जंग के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ सऊदी अरब क्यों दौड़े

Featured Video Of The Day
Greater Kailash में Farooq Abdullah पर जानलेवा हमला, किसकी है साजिश? | JK News | BREAKING NEWS