ग्राउंड रिपोर्ट: इजरायल पर गुस्सा, 18 की उम्र में देखे 3 युद्ध... लेबनान के युवा ने बताया क्यों करते हैं हिजबुल्लाह का समर्थन

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का 'सुरक्षा क्षेत्र' बनाने के लिए सैनिकों की मौजूदगी बनाए रखने की बात कही है. इससे संकेत मिलता है कि युद्धविराम के बाद भी हिंसा पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है.

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  • दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमलों में दो हजार से अधिक लोग मारे गए और दस लाख से ज्यादा विस्थापित हुए हैं
  • स्थानीय युवा यूसुफ ने बताया कि उसने 18 साल की उम्र में तीन युद्ध देखे हैं और इजरायल लगातार हमले करता है
  • यूसुफ ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में 80% लोग हिजबुल्लाह का समर्थन करते हैं क्योंकि वे उनकी सुरक्षा करते हैं
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लेबनान:

ईरान के साथ ही इजरायल लेबनान पर भी लगातार हमले कर रहा है. दक्षिणी लेबनान में हफ्तों तक चली बमबारी में 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. हालांकि अब इजरायल ने 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा की है. एनडीटीवी की टीम लेबनान में ग्राउंड जीरो पर मौजूद है. जहां हमने कुछ स्थानीय युवा से इस जंग को लेकर बात की, कि जमीन पर क्या हालात हैं, उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में क्या अनुभव किया है और इस वार को लेकर वो क्या सोचते हैं?

दक्षिणी लेबनान में अल-कास्मीये ब्रिज पर एक युवा यूसुफ ने एनडीटीवी को बताया कि इजरायल किसी का सम्मान नहीं करता है, हमेशा हमें निशाना बनता है, हम पर हमले करता है. यूसुफ ने कहा कि 18 साल की उम्र में ही उसने तीन युद्ध देख ली हैं. हाल ही में 2024 और अब 2026, इतना ही नहीं 2007 में जब मेरा जन्म हुआ उस वक्त भी युद्ध चल रहा था.

उसने कहा कि दक्षिणी लेबनान में 80 फीसदी लोग हिजबुल्लाह का समर्थन करते हैं, क्योंकि वो हमारी सुरक्षा करते हैं. हिजबुल्लाह भी इजरायल को पसंद नहीं करता है, क्योंकि इजरायल हमें मारता है.

वहीं सीजफायर को लेकर यूसुफ ने कहा कि उसे उम्मीद है कि अब हमले नहीं होंगे. क्योंकि इजरायल ने हमारे कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है और शायद उसका उद्देश्य अब पूरा हो गया है. हालांकि इजरायल अब भी हम पर हमले करेगा तो हिजबुल्लाह उसका जवाब देगा. हालांकि उसे ये भी उम्मीद है कि ईरान-हिजबुल्लाह और अमेरिका के बीच शांति वार्ता हो जाती है तो उसकी जमीन वापस हो सकती है.

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सिर्फ दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का समर्थन करने के सवाल पर यूसुफ ने कहा कि देश के बाकी हिस्से के लोग या जो बेरूत में रहते हैं वो इजरायल के हमले से प्रभावित नहीं हैं, इसीलिए वो हिजबुल्लाह के जवाबी कार्रवाई को नहीं जानते हैं. हिजबुल्लाह हमारी और हमारे गांव की रक्षा करता है, इसीलिए हम उसके साथ हैं.

गौरतलब है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का 'सुरक्षा क्षेत्र' बनाने के लिए सैनिकों की मौजूदगी बनाए रखने की बात कही है. इससे संकेत मिलता है कि युद्धविराम के बाद भी हिंसा पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. इससे पहले 2024 के अंत में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच 13 महीने के संघर्ष के बाद हुए युद्धविराम के बावजूद इजरायली सेना ने हवाई हमले और टारगेट कार्रवाई जारी रखी थी.

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