ईरान से कब तक चलेगा युद्ध... इजरायल के विदेश मंत्री ने NDTV को बताया आगे का प्लान

सा'आर ने आगे कहा कि अयातुल्ला की हत्या का मतलब तुरंत जीत नहीं है. इस शासन के कुछ दर्जन मुखिया मारे गए हैं... लेकिन वे अभी भी नियंत्रण में हैं.

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इजरायल के विदेश मंत्री ने एनडीटीवी से बात की.
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  • इजरायल के विदेश मंत्री ने ईरान के परमाणु हथियारों को गुप्त ठिकानों में ट्रांसफर करने की तैयारी का खुलासा किया
  • साआ'र ने ईरान को इजरायल के लिए अस्तित्वगत खतरा बताया और कहा कि कार्रवाई न करना अधिक खतरनाक होता
  • उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को आतंकवाद में शामिल और हत्यारे शासन का मुखिया करार दिया
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इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सा'आर (Gideon Sa'ar) ने सोमवार शाम एनडीटीवी को 72 घंटे पहले शुरू हुए ईरान पर अमेरिकी-इजरायल हमलों के पीछे के कारणों को गिनाते हुए कहा कि ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर समय बर्बाद कर रहा था और समय सीमा का पालन नहीं कर रहा था.  तेहरान परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइलों को अंडरग्राउंड ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहा था. ये अंडरग्राउंड इतने गहरे बनाए गए हैं कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले का भी उन पर कोई असर नहीं होता.

क्यों किया हमला

गिदोन सा'आर ने कहा, “वार्ता करने वाले, यानी खुद अमेरिकी, इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ईरान हमेशा की तरह समय बर्बाद कर रहा है, यानी परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के संबंध में अमेरिकी निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर रहा है और हम जानते थे कि बहुत कम समय में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित सभी जानकारियों को बहुत गहरे अंडरग्राउंड ठिकानों में छिपा देगा... जिन पर न तो इजरायल और न ही अमेरिका हवाई हमले से प्रभावी ढंग से निशाना साध सकता है. उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन के मामले में भी यही योजना बनाई थी.” सा'आर ने तर्क दिया कि तेहरान को दुर्गम ठिकानों पर इस तरह की हथियार तकनीक स्थानांतरित करने की अनुमति देने से "खतरनाक ईरानी शासन को मनमानी करने की छूट मिल सकती थी." उन्होंने पिछले तीन दिनों में पश्चिम एशियाई देशों पर ईरानी मिसाइल हमलों का उदाहरण देते हुए यह बात कही. ईरान ने अमेरिका और इजराइल के मिसाइल हमलों का जवाब पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भारी संख्या में मिसाइलों और अपने कम लागत वाले शाहेद आत्मघाती ड्रोन से दिया.

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हमला नहीं करते तो और खतरनाक होता

सा'आर ने आगे कहा कि इजरायल के लिए ईरान एक "अस्तित्वगत खतरा" है. पिछले साल जून में हुए संघर्ष को याद करते हुए, साआर ने दावा किया कि तेहरान की रणनीति तब से नहीं बदली है. उन्होंने कहा, "इजरायल का खात्मा... और इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साधन हैं आतंकी संगठन, परमाणु महत्वाकांक्षाएं और भारी संख्या में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें. इसलिए हमने अपने अमेरिकी मित्रों के साथ मिलकर यह निर्णय लिया कि हमें कार्रवाई करनी होगी. बेशक, इसमें कुछ मुश्किलें हैं... लेकिन इस स्थिति में कार्रवाई न करना, कार्रवाई करने से कहीं अधिक खतरनाक है."

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खामेनेई को बताया आतंकवादी

विदेश मंत्री ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बारे में भी बात की, जिन्हें उन्होंने "हत्यारे शासन का मुखिया" करार दिया और दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों से जोड़ा. शनिवार को मध्य तेहरान स्थित उनके परिसर पर हुए मिसाइल हमले में खामेनेई मारे गए. इजरायली विदेश मंत्री ने कहा, "वह आतंकवाद में सीधे तौर पर शामिल थे... अर्जेंटीना ने अभी कहा है कि उन्होंने ब्यूनस आयर्स में कार्रवाई का आदेश दिया था (1994 में एक यहूदी समुदाय केंद्र पर हुए बम विस्फोट का जिक्र करते हुए, जिसमें 85 लोग मारे गए थे). इसलिए, वह विश्व स्तर पर आतंकवाद के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार थे और उन्होंने ईरानी जनता का नरसंहार किया (दिसंबर 2025 में शुरू हुए नागरिक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए). इसलिए, मैं कहूंगा कि वह एक हत्यारी शासन का मुखिया है. जिस क्षण से हमने इस ऑपरेशन की योजना बनाना शुरू किया, हमने इसे (खामेनेई को निशाना बनाने को) सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया.”

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ईरान में अगला नेता कौन

सा'आर ने आगे कहा कि अयातुल्ला की हत्या का मतलब तुरंत जीत नहीं है. इस शासन के कुछ दर्जन मुखिया मारे गए हैं... लेकिन वे अभी भी नियंत्रण में हैं और ईरान में सत्ता परिवर्तन को गति देने वाले किसी भी प्रकार के सार्वजनिक विरोध को रोकने के लिए तैनात हैं. जब उनसे पूछा गया कि इसमें कितना समय लग सकता है - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार सप्ताह का दावा किया था - यह मानते हुए कि अमेरिका का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और इजरायल का 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' सफलतापूर्वक समाप्त हो जाएंगे, तो सा'आर ने कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई. उन्होंने एनडीटीवी को बताया, "हम उद्देश्यों पर विचार करेंगे और निश्चित रूप से अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ समन्वय करेंगे." सा'आर ने संभावित ईरानी नागरिक नेता की पहचान के बारे में भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा, “ईरानी जनता का नेतृत्व कौन करेगा, यह न तो इजरायल और न ही अमेरिका तय करेगा. मेरा मानना ​​है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से यह चुनाव ईरानी जनता को ही करना चाहिए लेकिन जब तक यह शासन शक्तिशाली है, तब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं हो पाएंगे. इसलिए, हमें उन्हें इतना कमजोर करना होगा कि सत्ता हस्तांतरण संभव हो सके. और यही हमारा लक्ष्य है.”

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