ईरान युद्ध के दौरान यूरोप की प्रमुख शक्तियों की आवाज अमेरिका और अन्य खिलाड़ियों द्वारा अनसुनी की जा रही है ब्रिटेन ने युद्ध में सैन्य भागीदारी से दूरी बनाए रखी और कूटनीतिक दौरों को प्राथमिकता दी है यूरोप के देश अपनी सैन्य क्षमता और तकनीकी रिसर्च में पिछड़ गए हैं, जिससे उनकी वैश्विक प्रभावशीलता कम हुई है