हमास का 135 दिन के युद्ध विराम और सभी बंधकों को छोड़ने का ऑफर, क्या इजरायल मानेगा?

युद्धविराम की कोशिशों के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कतर और मिस्र के नेताओं से मुलाकात की और फिर इजरायल पहुंच गए हैं. उनका यह मिडिल ईस्ट का पांचवा दौरा है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर.
नई दिल्ली:

इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम के लिए कोशिशें लगातार जारी हैं. अब युद्ध विराम की डील के लिए हमास ने काउंटर ऑफर दिया है. यह 45-45  दिनों के तीन चरणों की डील है जो 135 दिन तक चलेगी. डील के तहत प्रस्ताव है कि पहले चरण में इजरायल की जेलों में बंद महिलाओं और बच्चों के बदले इजरायली महिलाएं, बुज़ुर्ग, बीमार और 19 साल के नीचे के सभी पुरुष छोड़े जाएं. 

इजरायल के बाकी के पुरुष बंधक दूसरे चरण में और बंधकों के शव तीसरे चरण में दिए जाएं. इसके बदले में इसी दौरान गाजा को दोबारा बनाने की प्रक्रिया शुरू हो. इजरायली सेना पूरी तरह गाजा से निकल जाए. तीसरे चरण में पहुंचते-पहुंचते युद्ध खत्म करने पर डील फाइनल हो. गाजा में मानवीय मदद भी बढ़ाई जाए. करीब 1500 फिलिस्तीनियों को छोड़े जाने की बात है. 

युद्धविराम की कोशिशों के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कतर और मिस्र के नेताओं से मुलाकात की और फिर इजरायल पहुंच गए हैं. उनका यह मिडिल ईस्ट का पांचवा दौरा है. 

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इससे पहले जिस डील पर पेरिस में चर्चा हो रही थी. इसमें इजरायल, अमेरिका, कतर, इजिप्ट शामिल था. इसके तहत 45 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव था. इसमें महिलाएं, बच्चे, बुज़ुर्ग और बीमार 35-40 इजरायली बंधकों को छोड़े जाने का प्रस्ताव था. हर बंधक के बदले इजरायल की जेल में बंद 100 से 250 महिलाएं और बच्चे छोड़े जाने थे. इस बीच सैनिकों सहित सभी पुरुष बंधकों को छोड़ने और शवों को भी सौंपने पर बात हुई थी. जैसे-जैसे बंधक छोड़े जाते, वैसे-वैसे युद्ध विराम आगे बढ़ता.

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इसी बीच यह भी खबर आई कि गाजा में 136 में से 30 बंधकों की मौत की पुष्टि हो गई है और उनके परिवारों को इजरायली अधिकारी जानकारी दे रहे हैं. इसके अलावा 20 और बंधकों की मौत की खबर मिली पर इसकी पुष्टि नहीं हुई. 

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ऐसे में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर पीस डील का भारी दबाव होगा, लेकिन क्या वे युद्ध बंद करने की बात मानेंगे? वे लगातार कहते रहे हैं कि बंधकों को छुड़ाने का एक ही तरीका है, हमास का खात्मा. इजरायल की सुरक्षा के लिए भी यह जरूरी है. सवाल है कि क्या इजरायल नई डील मानेगा? 

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