ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026: पाकिस्तान बना सबसे ज्यादा प्रभावित देश, आतंक की वापसी ने बढ़ाई चिंता

दुनिया भर में आतंकवाद बढ़ने से इनकार नहीं किया गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि गाजा और ईरान वार के कारण और आतंकवाद बढ़ने की संभावना है. जिन देशों के बॉर्डर इनके पास है, उनके लिए ये बड़ा खतरा हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
शहबाज शरीफ अपने देश की समस्या को खत्म करने से ज्यादा भारत को लेकर ज्यादा परेशान करते हैं.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान को पहली बार दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देश बताया गया
  • अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है
  • 2025 में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं और मौतों की संख्या 2020 के मुकाबले छह गुना अधिक दर्ज की गई है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 में पाकिस्तान को पहली बार दुनिया में सबसे ज्यादा आतंकवाद से प्रभावित देश के रूप में स्थान दिया गया है. ऐसा होने के पीछे 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी को कारण बताया गया है. हालांकि, यही पाकिस्तान जब तालिबान सत्ता में आया था तो खुशियां मना रहा था. पाकिस्तान को उम्मीद थी कि तालिबान के आने से भारत में आतंकवादी घटनाएं करने में उसे मदद मिलेगी.

आतंकवाद से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची

घर में भी विद्रोह

रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान के अपने पड़ोसी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों के साथ ही टीटीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे उसके घर के अंदर के ग्रुप्स द्वारा बढ़ती हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों ने महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियां पैदा कर दी हैं. इनको रोकने के लिए समन्वित सैन्य, राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक उपायों की आवश्यकता होगी. रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में आतंकवाद 2014 से 2019 तक घट रहा था. हालांकि, पाकिस्तान में 2025 में 2020 की तुलना में छह गुना अधिक आतंकवादी घटनाएं हुईं. आतंकवाद से होने वाली मौतें अब 2013 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर हैं.

2025 में 1,139 मौतें

पाकिस्तान में 2025 में 1,139 मौतें और 1,045 घटनाएं दर्ज की गईं. यह आंशिक रूप से अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी और इसके परिणामस्वरूप टीटीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के कारण हुआ है. सुलह के अभाव में, वर्तमान अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष से आतंकवाद का स्तर बढ़ने की संभावना है.

दुनिया के लिए क्यों टेंशन

वहीं दुनिया भर में आतंकवाद बढ़ने से इनकार नहीं किया गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि गाजा और ईरान वार के कारण और आतंकवाद बढ़ने की संभावना है. जिन देशों के बॉर्डर इनके पास है, उनके लिए ये बड़ा खतरा हैं. बॉर्डर की निकटता आधुनिक आतंकवाद की एक प्रमुख विशेषता है, जीटीआई के अनुसार, बर्डर के पास आतंकवाद पिछले 15 वर्षों में दोगुने से अधिक हो गया है. 2025 में 76 प्रतिशत से अधिक हमले अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी के भीतर हुए, जो 2007 में लगभग 60 प्रतिशत थे. इनमें इक्वाडोर-कोलंबिया-वेनेजुएला सीमा और मध्य साहेल त्रि-सीमा क्षेत्र प्रमुख केंद्र हैं. मध्य साहेल और चाड झील बेसिन जैसे क्षेत्रों में राज्य का नियंत्रण कमजोर है, जिससे समूहों को अपेक्षाकृत स्वतंत्रता के साथ भर्ती करने और काम करने में मदद मिलती है.

Advertisement

ये भी पढ़ें-

चेक गणराज्य में इजरायली हथियार फैक्ट्री को आग के हवाले किया गया, जानिए क्यों ये बड़ी बात

पाकिस्तान के किस मिसाइल से डरा अमेरिका और क्यों बता रहा खुद के लिए खतरा

ईरान युद्ध के बीच ट्रंप ने जापान की प्रधानमंत्री को वो 'खौफनाक पल' याद दिलाया, जिसे भूलना मुश्किल होगा

मंगल ग्रह पर थी झील, नासा को मिले सुबूत, खबर के साथ चलिए दूसरी दुनिया के रोमांचक सफर पर

भारत के लिए छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स पर गुड न्यूज, फ्रांस और जर्मनी फिर आए साथ

कितने तेल और गैस भंडारों को अब तक जला चुके ईरान-अमेरिका-इजरायल? समझिए क्यों संकट में भारत समेत पूरी दुनिया

Featured Video Of The Day
Delh Palam Fire News: मां को बचाने के लिए खूब लड़ी हिमांशी! दोनों जिंदा जले, रुला देगी कहानी