युद्ध की तैयारी? जर्मनी में अब पुरुषों को लंबी विदेश यात्राओं की सूचना सेना को देनी होगी

युवा जर्मनों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए स्वेच्छा से आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया यह नया सेवा कानून जनवरी में लागू हो गया है. जर्मनी अपनी सेना को मजबूत कर रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • जर्मनी में 17 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को तीन महीने से अधिक विदेश प्रवास की सूचना देनी होगी
  • विदेशी प्रवास के लिए पूर्व अनुमति तभी दी जाएगी जब उस अवधि में सैनिक सेवा की कोई अपेक्षा न हो
  • इस नियम का उद्देश्य सैन्य सेवा रिकॉर्ड को विश्वसनीय बनाए रखना बताया गया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

जर्मनी के एक नए सैन्य सेवा कानून के तहत अधिकांश युवा पुरुषों को लंबी अवधि के लिए देश छोड़ने पर अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होगा. जर्मनी के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एएफपी को पुष्टि की कि 17 वर्ष की आयु से अधिक के पुरुषों को तीन महीने से अधिक समय तक विदेश में रहने के लिए जर्मन सशस्त्र बलों से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है.

क्यों लिया गया फैसला

मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि अनुमति तभी दी जाएगी जब "इस अवधि के दौरान सैनिक के रूप में किसी विशिष्ट सेवा की अपेक्षा न हो." प्रवक्ता ने आगे कहा, "इस नियम का मूल उद्देश्य और मार्गदर्शक सिद्धांत आवश्यकता पड़ने पर एक विश्वसनीय और जानकारीपूर्ण सैन्य सेवा रिकॉर्ड सुनिश्चित करना है." प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रालय "अनावश्यक नौकरशाही से बचने" के उद्देश्य से, निकास परमिट की आवश्यकता से छूट और अनुरोधों को मंजूरी देने की प्रणाली का मसौदा तैयार कर रहा है.

जर्मनी में उठ रहे सवाल

शुक्रवार को फ्रैंकफर्टर रुंडशाउ अखबार में इस नियम पर छपी रिपोर्ट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी. कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह नियम सच है और पिछले साल सैन्य सेवा सुधारों का प्रस्ताव रखे जाने पर इस पर कोई सार्वजनिक बहस क्यों नहीं हुई. युवा जर्मनों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए स्वेच्छा से आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया यह नया सेवा कानून जनवरी में लागू हो गया है. इस कानून के तहत सैन्य सेवा स्वैच्छिक बनी हुई है. जर्मनी ने 2011 में अनिवार्य सैन्य सेवा को निलंबित कर दिया था.

क्या जंग की तैयारी

लेकिन अब 18 साल के सभी पुरुषों को सैन्य सेवा में अपनी रुचि के बारे में एक प्रश्नावली भरनी होगी और अनुरोध किए जाने पर चिकित्सा जांच करानी होगी. जर्मनी ने नाटो की रक्षा योजनाओं के तहत अपनी पूर्णकालिक और आरक्षित सेना की संख्या में काफी वृद्धि करने पर सहमति जताई है. रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर किए गए पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूरोपीय नाटो सहयोगियों ने रक्षा खर्च में भारी वृद्धि की है. हालांकि, अब नाटो और अमेरिका में खुद ही खुलकर मतभेद सामने आ गए हैं. ऐसे में जर्मनी जैसे देश अब खुद की सुरक्षा के लिए अपनी सेना को मजबूत कर रहे हैं. जर्मनी सहित सभी देशों को लग रहा है कि अब युद्ध उनके बहुत करीब है और अगर उन्होंने तैयारी नहीं की तो अमेरिका उनकी मदद करने अब नहीं आएगा. 

Advertisement

ये भी पढ़ें-

भारत ने सात साल में पहली बार ईरान से तेल खरीदा, अब पेमेंट में भी नहीं है प्रॉब्लम

ईरान-अमेरिका की दुश्मनी: कितनी गहरी, कितनी पुरानी, महज एक फैसले ने बनाया जानी दुश्मन

F-15E फाइटर जेट में सवार अमेरिकी ईरान में पकड़ा गया तो 1979 वाला हाल होगा या 2016 वाला

भारत को लेकर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के इस डर का कारण क्या है, क्या कुछ हुआ है या होने वाला है

ईरान का बदला: अमेरिका के पैट्रियट डिफेंस सिस्टम को मार गिराने का दावा, जानिए क्यों ये बड़ी बात

फ्रांस ने फेंका ऐसा पासा सही पड़ा तो अमेरिका-चीन-रूस को देगा टक्कर, भारत की अहम भूमिका

अंतरिक्ष से ऐसी दिखती है अपनी पृथ्वी, 1969 के बाद 2026 में ली गई तस्वीर, दोनों में कितना अंतर

मिसाइलों और बमों की बारिश के बीच ईरान युद्ध खत्म करने का मिला नया रास्ता, क्या ट्रंप मानेंगे?

ईरान ने अमेरिका के दो फाइटर जेट F 35 और F 15 E मार गिराने का किया दावा, US पायलट को भी पकड़ा

Advertisement

चूल्हे तक आई ईरान जंग की आंच अब थाली तक पहुंचने को तैयार, अगले साल और बेकाबू होगी महंगाई: UN रिपोर्ट

ईरान से 5 हफ्ते की लड़ाई में अमेरिका बेहाल, ट्रंप मांग रहे और पैसा, नासा के बजट में करने जा रहे कटौती

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Iran Israel War: Iran में चला Trump का Pilot Rescue मिशन! Bharat Ki Baat Batata Hoon