- रूस के यूक्रेन पर चार साल से जारी युद्ध में अमेरिका और नाटो के हथियारों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है
- ईरान-इजरायल युद्ध में ईरान ने अमेरिका के एफ-15 और एफ-35 लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है
- ईरान ने अमेरिकी थाड सिस्टम के चार महंगे AN/TPY-2 रडारों को निशाना बनाकर क्षेत्रीय एयर डिफेंस को कमजोर किया है
रूस ने जब यूक्रेन पर हमला किया दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट मानकर चल रहे थे कि युद्ध ज्यादा से ज्यादा एक सप्ताह का है. आज चार साल हो गए यूक्रेन लड़ रहा है. इसके पीछे अमेरिका और नाटो के हथियारों को भी एक कारण माना जा रहा है. अब कुछ-कुछ वैसा ही ईरान युद्ध में भी दिख रहा है. ईरान पर जब अमेरिका और इजरायल ने हमला किया तो सभी डिफेंस एक्सपर्ट मानने लगे कि ईरान ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगा, मगर तीन हफ्ते बाद स्थिति ये है कि इजरायल के अंदर तक ईरान की मिसाइलें हमला कर रही हैं. इस युद्ध में अजेय समझे जाने वाले अमेरिका और इजरायल के हथियार भी बर्बाद हो गए. जानिए अब तक कौन-कौन से हथियार ईरान ने अमेरिका और इजरायल के मार गिराए..
F-15 से F-35 तक
आज ही ईरान ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका के एक एफ 15 लड़ाकू विमान को मार गिराया. इससे पहले तक अमेरिका को 16 विमानों का नुकसान हुआ था, जिनमें 12 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं. एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन की कीमत 56.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक है. इसके अलावा, 2 मार्च को कुवैत में तीन एफ-15 स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए, कथित तौर पर यह दुर्घटना मित्रवत गोलीबारी के कारण हुई, जिसकी जांच अभी जारी है. 12 मार्च को इराक के ऊपर अमेरिकी वायु सेना का एक KC-135 ईंधन भरने वाला टैंकर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी छह चालक दल के सदस्य मारे गए. ईरान ने कथित तौर पर 19 मार्च को अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान पर हमला किया. F-35 को दुनिया का सबसे खतरनाक विमान माना जाता है. अमेरिकी केंद्रीय कमान ने पुष्टि की कि विमान ने आपातकालीन लैंडिंग की और पायलट की हालत स्थिर है, हालांकि उसने हमले का कारण स्पष्ट नहीं किया.
THAAD सिस्टम
लड़्कू विमानों के अलावा, ईरान के हमलों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी एयर डिफेंस नेटवर्क को कमजोर करना रहा है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के दावों के अनुसार, THAAD सिस्टम से जुड़े चार AN/TPY-2 रडारों को निशाना बनाया गया है. कहा जाता है कि संघर्ष की शुरुआत में जॉर्डन में एक ऐसा ही रडार नष्ट कर दिया गया था. माना जाता है कि दो अन्य रडारों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में निशाना बनाया गया था, जिनमें से एक अल-रुवैस औद्योगिक शहर में था, जबकि एक अन्य रडार सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर निशाना बनाया गया हो सकता है. प्रत्येक AN/TPY-2 रडार की अनुमानित कीमत 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बीच है.
दुनिया में केवल 10 THAAD सिस्टम हैं, जिनमें से सात अमेरिका ने अलग-अलग जगहों पर लगा रखे हैं, बाकी तीन UAE और सऊदी अरब के पास हैं. रिपोर्टों से पता चलता है कि संघर्ष के कारण इनमें से चार सिस्टम अब निष्क्रिय हो सकते हैं. ये भी खबरें आईं कि साउथ कोरिया से थाड सिस्टम को खाड़ी लाया गया है.
अर्ली वार्निंग रडार
इसके अलावा, ईरान ने कतर के अल उदैद हवाई अड्डे पर स्थित एएन/एफपीएस-132 ब्लॉक 5 अपग्रेडेड अर्ली वार्निंग रडार पर हमला करने का दावा किया है. लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का यह रडार एक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल डिटेक्शन सिस्टम है जो 5,000 किलोमीटर तक के खतरों का पता लगाने में सक्षम है और थाड, पैट्रियट और एजिस जैसी इंटीग्रेटेड डिफेंस सिस्टम का समर्थन करती है. कतर ने पुष्टि की है कि रडार पर हमला हुआ और वह क्षतिग्रस्त हो गया. दुनिया में ऐसे केवल छह ही सिस्टम कार्यरत हैं.
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यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड
यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड की घटना ने दुनिया को सबसे ज्यादा चौंकाया. अमेरिकी नौसेना का सबसे एडवांस विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड भी अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो गया है, हालांकि यह सीधे ईरान के हमले के कारण नहीं हुआ है. विमानवाहक पोत पर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए चालक दल के सदस्यों को 30 घंटे से अधिक का समय लगा. पोत की मरम्मत अब क्रेते के सौडा बे स्थित नौसेना सहायता गतिविधि केंद्र में की जाएगी. इस घटना के कारण की जांच शुरू हो गई है. इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स (ब्रिटेन) के अनुसार, "अमेरिकी नौसेना इस बात की जांच कर रही है कि क्या यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड पर सवार नाविकों ने 12 मार्च को विमानवाहक पोत के मुख्य कपड़े धोने वाले कमरों में जानबूझकर आग लगाई थी."
इजरायली लड़ाकू विमान
ईरान ने मध्य ईरान के ऊपर एक इजरायली एफ-16 लड़ाकू विमान पर हमला करने का दावा भी शनिवार को किया. उसने बताया कि ये तीसरा लड़ाकू विमान इजरायल का गिराया गया है. रविवार को ईरान की मिसाइलें इजरायल के अराद और दिमोना शहरों पर हुए सीधे हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हो गए. वहां भी इस हमले के बाद जांच बैठ गई है कि आयरन डोम ने ईरानी मिसाइलों को रोका कैसे नहीं. इजरायल ने किसी बड़े नुकसान को माना नहीं है, मगर ये दिखाता है कि ईरान बहुत ज्यादा नुकसान अमेरिका और इजरायल को पहुंचा रहा है.
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