टैरिफ डील के बीच वाशिंगटन में जयशंकर-रुबियो की हुई मुलाकात, जानिए क्यों है यह मीटिंग खास

एस जयशंकर ने मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से महत्वपूर्ण खनिजों पर बैठक से पहले मुलाकात की है.
  • जयशंकर दो से चार फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर हैं और रुबियो द्वारा आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे.
  • विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर इस दौरे के दौरान अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
न्यूयॉर्क:

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की. यह मुलाकात महत्वपूर्ण खनिजों पर आयोजित होने वाली पहली मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले हुई. रुबियो ने विदेश विभाग में जयशंकर का स्वागत किया.

भारत के विदेश मंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सचिव रुबियो से मिलकर बेहद खुशी हुई. हमारी द्विपक्षीय सहयोग योजनाओं, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर चर्चा हुई उनमें व्यापार, ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी शामिल थे. साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तंत्रों की शीघ्र बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी.

वहीं, इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ एक उच्च स्तरीय और "उपयोगी चर्चा" की. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करना और आर्थिक साझेदारी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना था.

मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि सेक्रेटरी रूबियो और मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का स्वागत किया. सेक्रेटरी रूबियो और मंत्री जयशंकर ने क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अपनी बैठक समाप्त की. उन्होंने स्वीकार किया कि हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए एक समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है.
 

Advertisement

जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर हैं और बुधवार को रुबियो द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिजों पर मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे. विदेश मंत्रालय ने बताया था कि इस दौरे के दौरान जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे.

Advertisement

जयशंकर और रुबियो की यह मुलाकात ट्रंप द्वारा ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा करने के एक दिन बाद हुई है कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन दिल्ली पर लगने वाले पारस्परिक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा.

बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता हो चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच फोन कॉल के बाद इस डील का ऐलान हुआ. अब अमेरिका के अंदर भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ की जगह केवल 18 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा.

क्यों खास है जयशंकर-रुबियो की यह मुलाकात?

यह मुलाकात न केवल कूटनीतिक शिष्टाचार है, बल्कि भविष्य की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से एक निर्णायक कदम है. इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य लिथियम और कोबाल्ट जैसे 'क्रिटिकल मिनरल्स' (अहम खनिजों) की सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाना है. ये खनिज भविष्य की तकनीकों, जैसे इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए अनिवार्य हैं.

मौजूदा वैश्विक परिदृश्य और भारत-अमेरिका के प्रगाढ़ होते रिश्तों के बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो की यह बातचीत नए व्यापार समझौते को रणनीतिक मजबूती प्रदान करती है. यह साझेदारी दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के साझा हितों को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.

Advertisement

ये भी पढें :  वाशिंगटन में एस. जयशंकर और अमेरिकी वित्त मंत्री की मुलाकात; जानिए किन अहम मुद्दों पर हुई बात

Featured Video Of The Day
Israel Iran War: Strait of Hormuz खोलने के लिए War Ship नहीं भेजने से China पर भड़के Trump|Xi Jinping