- यूरोपीय संघ ने ईरान के उस फैसले को खारिज किया जिसमें उसने यूरोपीय संघ की सेनाओं को आतंकवादी समूह घोषित किया है
- ईरान ने यूरोपीय संघ द्वारा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित करने के बाद यह कदम उठाया है
- ईरान ने सभी यूरोपीय संघ सदस्य देशों के राजदूतों को तलब कर तेहरान में अपना विरोध दर्ज कराया है
यूरोपीय संघ ने ईरान के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने यूरोपीय संघ के देशों की सेनाओं को "आतंकवादी समूह" माना है. यह फैसला तब लिया गया जब यूरोपीय संघ ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को अपने आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया. यूरोपीय आयोग की प्रवक्ता अनवर अल अनौनी ने कहा, "हम यूरोपीय संघ की सेनाओं को आतंकवादी संगठन घोषित करने और आतंकवाद के आरोप लगाने की घोषणा को खारिज करते हैं."
ईरान का यह कदम पिछले गुरुवार को यूरोपीय संघ द्वारा ईरान की सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी संगठन घोषित करने के बाद आया है. यह कदम 1979 में इस्लामी गणराज्य की स्थापना के बाद से विरोध प्रदर्शनों पर हुई सबसे खूनी कार्रवाई के बाद उठाया गया है.
ईरान ने राजदूत तलब किए
ईरान ने यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों के राजदूतों को तलब किया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने सोमवार को बताया कि राजदूतों को रविवार को बुलाकर तेहरान का आधिकारिक विरोध दर्ज कराया गया. यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक कार्रवाई में रिवोल्यूशनरी गार्ड की कथित भूमिका को आधार बनाकर यह कदम उठाया था.
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ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब ईरान, यूरोपीय संघ की सभी सेनाओं को आतंकवादी संगठन मानेगा. उन्होंने कहा कि यह फैसला 2019 में पारित उस कानून के तहत लिया गया है, जो अमेरिका की ओर से रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद बनाया गया था.













