ट्रंप ने झूठ बोलकर किया ईरान पर हमला? पूर्व सहयोगी ने किया दावा, 'न्यूक्लियर खतरा था ही नहीं'

ट्रंप के पूर्व आतंकरोधी प्रमुख जो केंट ने दावा किया कि ईरान न्यूक्लियर हथियार के करीब नहीं था और ट्रंप ने झूठ बोलकर हमला किया. केंट के अनुसार इजरायल के दबाव में अमेरिका युद्ध में कूदा, जबकि व्हाइट हाउस आरोपों को खारिज करता है.

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  • जो केंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हमला झूठे परमाणु हथियार निर्माण के दावों पर किया था.
  • ईरान न्यूक्लियर हथियार बनाने के करीब नहीं था और उस पर 2004 से परमाणु हथियार निर्माण पर रोक थी.
  • केंट ने कहा कि इजरायल के दबाव में ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हमला किया और युद्ध को बढ़ावा दिया.
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नई दिल्ली:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं. ट्रंप प्रशासन में नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के प्रमुख रहे जो केंट ने दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हमला झूठे दावों की बुनियाद पर किया और ईरान न्यूक्लियर हथियार बनाने के करीब नहीं था.

जो केंट का चौंकाने वाला खुलासा

ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान दो सप्ताह के भीतर परमाणु बम बना लेगा, इसलिए हमला जरूरी था. लेकिन इस्तीफे के बाद Tucker Carlson को दिए इंटरव्यू में केंट ने कहा, 'ट्रंप का दावा झूठा था. ईरान न तीन हफ्ते पहले न्यूक्लियर बम बनाने के करीब था, न कि जून 2025 में.' बता दें कि ट्रंप ने हमले के बाद कहा था कि ईरान परमाणु बम बनाने के करीब पहुंच चुका था.

केंट ने यह भी कहा कि 2004 से ईरान पर एक फतवा लागू है जो परमाणु हथियार बनाने पर रोक लगाता है और अमेरिकी खुफिया को कभी कोई प्रमाण नहीं मिला कि ईरान इस आदेश की अवहेलना कर रहा है.

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'इजरायल ने हमें युद्ध में धकेला'

केंट ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हमला इजरायल के दबाव में किया. उन्होंने Carlson से कहा, 'इस कार्रवाई को लेने के लिए इजरायल ने हमें धकेला… हमें पता था इसके बाद ईरान प्रतिकार करेगा.' उनके मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को भरोसा था कि वे युद्ध शुरू करेंगे और अमेरिका को मजबूरी में साथ देना पड़ेगा.

खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड भी सामने आईं- ट्रंप को क्लीन चिट

केंट के आरोपों के बाद अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने ट्रंप का बचाव किया. उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ने सभी सूचनाओं की समीक्षा के बाद यह तय किया कि ईरान तत्काल खतरा था.' गबार्ड ने अपने बयान में केंट की बातों का समर्थन करने से परहेज किया.

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केंट का इस्तीफा, पहला बड़ा झटका

केंट का इस्तीफा ईरान युद्ध के खिलाफ ट्रंप प्रशासन से आने वाला सबसे बड़ा विरोध है. वे पिछले आठ महीनों से NCTC के निदेशक थे और ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते थे. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह युद्ध अमेरिकी जीवन की कीमत चुकवाने वाला और बेकार है.

व्हाइट हाउस का जवाब, 'ट्रंप किसी के कहने पर नहीं चलते'

ट्रंप की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने केंट के आरोपों को पूरी तरह झूठ करार दिया. उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के मुखिया हैं. कोई उन्हें निर्देश नहीं देता.'

'युद्ध एक गलती था'

केंट का कहना है कि ईरान पर हमले से कोई रणनीतिक फायदा नहीं हुआ, बल्कि ईरान के कट्टरपंथी गुट और मजबूत हो गए. खासकर उस समय जब ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद उनकी विचारधारा को और समर्थन मिला.

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