बॉम्बे हाई कोर्ट ने मानहानि के मुकदमे को अहंकार की लड़ाई बताते हुए इसे न्यायिक व्यवस्था के लिए बाधा माना जस्टिस जितेंद्र एस. जैन की एकल पीठ ने मामले को अगले बीस वर्षों तक सुनवाई के लिए स्थगित करने का आदेश दिया यह मुकदमा 2017 में तारिणीबेन ने ध्वनि देसाई के खिलाफ 20 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग के साथ दायर किया था