- जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरानी हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और एक लापता है
- यह ईरान के सीधे हमले में अमेरिकी सैनिकों की पहली मौत है, जो युद्ध की स्थिति को और जटिल बना सकता है
- ईरान ने कुवैत के फ्यूल सप्लाई डॉक और बहरीन के डेटा सेंटर पर भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया है
अमेरिकी सेना का कहना है कि जॉर्डन में एक बेस पर ईरानी हमलों के बाद दो सैनिकों की मौत हो गई और एक लापता है. युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद से ईरान के सीधे हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत का यह पहला मामला है. जाहिर है इससे अमेरिका पर अब प्रेशर बढ़ जाएगा और युद्ध और खतरनाक स्थिति में आ सकता है.
चार सैनिक हुए घायल
एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को उस समय उनकी मौत हो गई जब अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही थीं. युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद से ईरान के हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत का यह पहला मामला है. इसमें कहा गया है कि चार अन्य सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में ले जाया गया था, जिन्हें बाद में छुट्टी दे दी गई. मारे गए सैनिकों की पहचान नहीं बताई गई है.
जॉर्डन में कहां हुआ हमला
वहीं ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को कहा कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया, कुवैत में फ्यूल सप्लाई डॉक को निशाना बनाया और बहरीन में एक डेटा सेंटर को नष्ट कर दिया. न्यूज एजेंसी सेपाह ने बताया कि IRGC की सहार्गाह कॉर्प्स एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजराक में अमेरिकी बेस पर फाइटर जेट शेल्टर और एक बड़े पार्किंग रैंप पर हमले किए. इसमें कहा गया है कि हमले में कम से कम दो फाइटर जेट और तीन अमेरिकी विमान पूरी तरह से नष्ट हो गए, और मिसाइल व ड्रोन के एक साथ हमले से उनमें से कुछ को भारी नुकसान पहुंचा.
फ्यूल सप्लाई डॉक भी बना निशाना
एक अलग बयान में, IRGC ने दावा किया कि शुक्रवार रात उसकी नौसेना ने कुवैत के बंदर अल-अहमदी में अमेरिकी बेड़े के फ्यूल सप्लाई डॉक और बहरीन के शेख ईसा में युद्धक विमानों के जमावड़े वाली जगह को अपने ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाया, और बहरीन में बैटेलको (Batelco) नाम के एक इंटेलिजेंस डेटा सेंटर को नष्ट कर दिया.
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